झालीवाल ने कहा कि आज देश का किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहा है, छात्र लगातार पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान हैं, मजदूर और गरीब वर्ग महंगाई की मार झेल रहे हैं तथा आम नागरिक पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसी परिस्थितियों में सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए, न कि उत्सव मनाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों द्वारा देश के विकास के लिए तैयार किए गए सार्वजनिक संस्थानों और मूल ढांचे को भाजपा सरकार ने धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने का काम किया है। इससे देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है तथा आम जनता का विश्वास कमजोर हुआ है।
कैलाश झालीवाल ने कहा कि जब भी कांग्रेस पार्टी, छात्र संगठन, कर्मचारी संघ या अन्य सामाजिक संगठन अपनी जायज मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हैं, तब सरकार प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करती है। लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने के बजाय विरोध करने वालों पर दबाव बनाया जाता है, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक तनाव से परेशान है, जबकि भाजपा केवल प्रचार और उत्सव की राजनीति में व्यस्त दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज में विभाजनकारी वातावरण बनाया जा रहा है।
झालीवाल ने कहा कि भारतीय राजनीति में एक समय ऐसा था जब सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च माना जाता था। किसी भी गंभीर चूक या विफलता की स्थिति में जनप्रतिनिधि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा तक दे देते थे। आज ऐसी राजनीतिक जवाबदेही और नैतिकता का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी विफलताओं पर आत्मचिंतन कर जनता से जवाब देना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों, किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्रों और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कैलाश झालीवाल
सचिव, सह प्रभारी जिला भीलवाड़ा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राजस्थान
9351718975