रामलीला-गरबा रास की बैठक में हंगामा, कांग्रेस पार्षदों ने किया बहिष्कार

भाजपा पार्षद के कथित आपत्तिजनक बयान पर कांग्रेस पार्षदों का कड़ा विरोध, सात दिन में विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग
घटनाक्रम के बाद कृष्णगंज थाने पहुंचे कांग्रेस पार्षद, कल एसपी से मिलेंगे शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में
अजमेर। अजमेर नगर निगम में रामलीला एवं गरबा रास के आयोजन को लेकर आयोजित बैठक में उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कमेटियों के गठन में कांग्रेस पार्षदों को शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा महापौर के समक्ष उठाया गया। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि कमेटियों के गठन में विपक्षी पार्षदों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान मीनाक्षी यादव ने कांग्रेस पार्षदों को कमेटियों में शामिल किए जाने की मांग उठाई। इस पर भाजपा पार्षद सतीश बंसल द्वारा कथित रूप से “सवाल नहीं रहने दूंगा” जैसी टिप्पणी किए जाने पर कांग्रेस पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम जैसी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्था की बैठक में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पार्षद सतीश बंसल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। जब बैठक में सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई तो कांग्रेस पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया।
सात दिन में विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग
कांग्रेस पार्षद चंद्रशेखर भालोठिया ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम को लेकर सात दिवस के भीतर विशेष साधारण सभा की बैठक बुलाई जाए, जिसमें संबंधित पार्षद द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की बैठकों में पक्ष-विपक्ष के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। धमकीपूर्ण अथवा आपत्तिजनक भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि के प्रति स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कांग्रेस पार्षद पहुंचे कृष्णगंज थाने
कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने बताया कि बैठक में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के सभी पार्षद कृष्णगंज थाने पहुंचे और थाना प्रभारी अरविंद चारण से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण को लेकर कल अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे तथा पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
कांग्रेस पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की लोकतांत्रिक संस्था है। यहां प्रत्येक पार्षद की बात सुनी जानी चाहिए और सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि को दबाने, उसकी आवाज रोकने या धमकीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करने का प्रयास लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।
बैठक में महापौर प्रत्याशी किरण गढ़वाल, चंद्रशेखर भालोटीया, उपमहापौर प्रत्याशी नौरत गुर्जर, सुनील कैन, सुनील मोतियानी, निर्मल बेरवाल, काजल यादव, आशा तुनवाल, ईश्वर तेलियानी, भावना चौहान, बबीता सेन, शशि गढ़वाल, सतीश बैरवा, प्रीति माहुर, मीनाक्षी यादव, विनोद तंवर, पुष्पा जड़िया, सीमा भड़ाना, पुष्पा राजोरिया, गणेश चौहान, घनश्याम वर्मा, हमीद चीता, खुशनुमा, प्रवीण, विनोद असानी सहित अन्य पार्षद उपस्थित रहे।
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की प्रत्येक बैठक में सम्मानजनक, मर्यादित एवं लोकतांत्रिक भाषा का उपयोग होना चाहिए। किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के संबंध में आपत्तिजनक अथवा धमकीपूर्ण टिप्पणी को उचित नहीं माना जा सकता।
जारीकर्ता
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी

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