लोक मंथन यात्रा, लोक परंपराओं की समाज की मुख्य धारा में स्थापित करने के लिए प्रयत्न है यह यात्रा — जसवंत खत्री

हम भारत के लोग अर्थात भारत के सभी नागरिक मिलकर राष्ट्र की आधारभूत शक्ति हैं — सत्यनारायण कुमावत
लोकमंथन यात्रा का तीसरा चरण 8 से प्रारंभ
लोकमंथन यात्रा राजस्थान, यात्रा का तृतीय चरण चित्तौड़ प्रांत में 8 अक्टूबर को पुष्कर से प्रारंभ हुआ एवं 21 अक्टूबर को झालावाड़ में सम्पन्न होगा । 
गुरुवार को प्रातः 8:000 बजे ब्रह्मा मंदिर दर्शन के बाद पुष्करराज जी की पूजा कर यात्रा प्रारंभ हुई जो वाहन रैली के रूप में प्रातः 10:00 बजे आदर्श विद्या निकेतन, पुष्कर मार्ग , अजमेर रिजनल कॉलेज तिराहे पर पहुंची । जहां पर उसका भव्य स्वागत हुआ । वहां से यात्रा राजकीय कन्या महाविद्यालय पहुंची , जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से हुए । अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ ABRSM , संस्कार भारती, संस्कृत भारती एवं अन्य संगठनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । जिसमें भारतीय लोक परम्परा के साथ लोक वाद्य, लोक गीत , लोक नृत्य आदि की प्रस्तुति हुई । क्रीड़ा भारती द्वारा लोक खेल सतोलिया, लट्टू, लंगड़ी टांग, रस्सा – कशी , खो-खो, कबड्डी का प्रदर्शन किया गया
लोक गीतों में पधारो म्हारे देश का मनमोहक प्रस्तुति हुई , वहीं पर कलाकारों का स्वागत भी किया गया।
लोक मंथन यात्रा में जोधपुर से आ हरदयाल जी, जसवंत जी खत्री सपत्नीक उपस्थित रहे । यात्रा वहां से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार पहुंची रस्ते में नवीन न्यायालय परिसर के बाहर यात्रा का अधिवक्ताओं ने भव्य स्वागत किया ।
 राजीव गांधी सभागार में अधिवक्ता परिषद एवं राजस्थान ह्यूमन रिसोर्सेज डेवलपमेंट फाउंडेशन (RHRD) के संयुक्त तत्वाधान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । सभागार में जयपुर से पधारे आ. जसवंत खत्री मुख्यवक्ता थे, एवं अध्यक्षता जगदीश सिंह राणा ने की ।
तृतीय चरण में चित्तौड़ प्रांत की यात्रा का आजका कार्यक्रम निम्न प्रकार से रहने वाला है । प्रारंभ 8 अक्टूबर: पुष्करराज – अजयमेरु महानगर से लल्लाई ग्राम सरवाड़ प्रस्थान हुई , सांयकाल कार्यक्रम के बाद जालिया-2 – ब्यावर पहुंची ।
लोक मंथन यात्रा के संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने बताया कि राजस्थान के प्रत्येक जिला केंद्र से निकलने वाली लोकमंथन यात्रा का विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत करने के साथ लोक संस्कृति, परंपरा, शिक्षा, साहित्य, संविधान और खेलों से जुड़े कार्यक्रम हो रहे हैं ।
इस यात्रा में संविधान में वर्णित “हम भारत के लोग” शब्द का अर्थ के साथ विस्तारपूर्वक प्रकाश डाल इसकी महत्ता के संदर्भ को बताया है रहा है ।
संपर्क सूत्र – मनोज बहरवाल 9414785558

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