पंचायतीराज चुनाव-2026 : जिला परिषद सदस्यों के पहले दिन शून्य नामांकन

अजमेर, 8 अक्टूबर। जिले में पंचायतीराज चुनाव-2026 के अन्तर्गत जिला परिषद सदस्यों के नाम निर्देशन पत्र जमा कराने की प्रक्रिया गुरूवार को आरम्भ हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री लोक बन्धु ने बताया कि जिला परिषद के सदस्यों के नामांकन जमा कराने के प्रथम दिवस किसी भी अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद सदस्यों के आम चुनाव करवाए जाने के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा नाम निर्देशन सम्बन्धी कार्यवाही सम्पादित की जा रही है। जिले में जिला परिषद सदस्यों के नाम निर्देशन प्राप्त करने की तिथि 13 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि अजमेर जिला परिषद के वार्ड संख्या एक से 8 के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वन्दना खोरवाल सहायक रिटर्निंग अधिकारी होंगी। इनके द्वारा नया कलेक्ट्रेट भवन ग्राउण्ड फ्लोर स्थित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन के न्यायालय में नाम निर्देशन प्राप्त किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद के वार्ड संख्या 9 से 17 के लिए राजस्व अपील प्राधिकारी श्री रामचन्द्र सहायक रिटर्निंग अधिकारी होंगे। इनके द्वारा नया कलेक्ट्रेट भवन फ्लोर नम्बर 3 स्थित राजस्व अपील प्राधिकारी के न्यायालय में नाम निर्देशन प्राप्त किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद के वार्ड संख्या 18 से 25 के लिए विशेषाधिकारी कार्यालय जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री राजपूत नेहा उद्धवसिंह सहायक रिटर्निंग अधिकारी होंगी। इनके द्वारा नया कलेक्ट्रेट भवन फ्लोर नम्बर 2 स्थित सहायक कलक्टर मुख्यालय के न्यायालय में नाम निर्देशन प्राप्त किए जाएगें।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद के वार्ड संख्या 26 से 33 के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री प्रवीण कुमार सहायक रिटर्निंग अधिकारी होंगे। इनके द्वारा नया कलेक्ट्रेट भवन ग्राउण्ड फ्लोर स्थित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर के न्यायालय में नाम निर्देशन प्राप्त किए जाएंगे।

पंचायतीराज आम चुनाव – 2026
राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की करनी होगी पालना

अजमेर, 8 अक्टूबर। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की पालना करनी होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री लोक बन्धु ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पंचायतीराज आम चुनाव 2026 की निर्वाचन प्रक्रिया में राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की पालना करनी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन के लिए अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख को, जिसको निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होती है, समाप्त होने वाली निर्वाचन की कालावधि के दौरान किसी भी अभ्यर्थी या उसके सम्यक रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा यानों या ध्वनि विस्तारकों के उपयोग या कट आउटों, होर्डिंगों, पोस्टरों और बैनरों के प्रदर्शन पर युक्तियुक्त निर्बंधन अधिरोपित कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिरोपित निर्बंधनों में से किसी का भी उल्लंघन के दोष सिद्धि पर दो हजार रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जा सकेगा। साथ ही दंडित प्रत्येक व्यक्ति, राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से, किसी पंचायतीराज संस्था का सदस्य चुने जाने या होने के लिए ऐसी कालवधि के लिए, जो ऐसे आदेश की तारीख से छह वर्ष तक की हो सकेगी, निरर्हित किये जाने का भी भागी होगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान पंचायतीराज (निर्वाचन में वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग तथा पोस्टरों, बैनरों आदि के प्रदर्शन पर प्रतिबंध) आदेश, 2025 लागू है। इसके अन्तर्गत कतिपय प्रकार के वाहनों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध होगा। अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन की अधिसूचना की तिथि से निर्वाचन समाप्ति तक चुनाव प्रचार या चुनाव संबंधी यात्रा के लिए बस, ट्रक, मिनी बस और मेटाडोर एवं पशुचालित किसी भी प्रकार का वाहन यथा तांगा, ऊँटगाडी, बैलगाड़ी आदि वाहनों का उपयोग पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
उन्होंने बताया कि निषिद्ध प्रकृति के वाहनों से भिन्न अन्य किसी वाहन का उपयोग विभिन्न प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए किया जा सकेगा। जिला परिषद सदस्य के चुनाव में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा अधिकतम तीन वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में अधिकतम दो वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। सरपंच पद के चुनाव में अधिकतम एक वाहन का उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वाहन का उपयोग करने से पूर्व अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्त्ता द्वारा वाहन संख्या एवं उसका प्रकार तथा वाहन चालक के नाम व पते की लिखित सूचना संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को कम से कम 24 घंटे पूर्व देनी होगी। इसके अनुसार रिटर्निंग अधिकारी (सरपंच के मामले में उपखण्ड अधिकारी) द्वारा वाहन उपयोग की अनुमति निर्धारित प्ररूप ख में जारी की जायेगी। इसे अभ्यर्थी द्वारा उपयोग किये जा रहे वाहन पर प्रदर्शित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी निर्वाचन में तीन वाहनों से अधिक की रैली या काफिला नहीं निकाला जाएगा। मतदान समाप्ति के लिये निर्धारित समय के 48 घण्टे पूर्व की अवधि में ऐसी रैली या काफिला निकाला जाना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। मतदान दिवस को वाहन के उपयोग के लिए लिखित अनुमति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लेनी होगी। यह अनुमति रिटर्निंग अधिकारी द्वारा बिना किसी नोटिस के निरस्त भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि लाउड स्पीकरों का उपयोग निर्धारित प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए किया जा सकेगा। अभ्यर्थी द्वारा चुनाव प्रचार के लिए स्थापित चुनाव कार्यालय पर लाउड स्पीकरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पूर्व की 48 घंटे की अवधि में एवं हॉस्पिटल, स्कूल एवं धार्मिक स्थल के 100 मीटर की परिधि में लाउड स्पीकरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक क्षेत्राधिकार रखने वाले जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट या अन्य सक्षम अधिकारी की प्ररूप ग में लिखित अनुमति के उपरान्त ही उपयोग किया जा सकेगा। ऐसी अनुमति प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को लिखित रूप में अवगत कराना होगा कि वह किस प्रकार और किसी स्थान पर उसका उपयोग करेगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन में सार्वजनिक या निजी स्थान पर किसी अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के नेता की तस्वीर अथवा चुनाव चिन्ह अथवा नारे दर्शाते हुए कट आऊट, होर्डिंग्स, पोस्टर या बैनर आदि निर्धारित प्रतिबंधों के अधीन प्रदर्शित किये जा सकेगें। पोस्टरों का मुद्रण कराते समय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127- क के उपबंधों की पालना करनी होगी।
उन्होंने बताया कि कट आऊट, होर्डिंग्स, पोस्टर या बैनर के प्रदर्शन के लिए यदि वे सार्वजनिक स्थल पर लगाए जाते है तो संबंधित स्थानीय प्राधिकारी या इस निमित्त विधि द्वारा प्राधिकृत सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी। जहाँ प्रचार सामग्री या विज्ञापनों के प्रदर्शन के संबंध में स्थानीय विधि में कोई प्रावधान नहीं हो तो वहां किसी निजी संपत्ति पर केवल ऐसी प्रचार सामग्री जो आसानी से हटायी जा सके, यथा झण्डियां, बैनर आदि लगाई जा सकेगी लेकिन ऐसी प्रचार सामग्री लगाने से पूर्व संबंधित संपत्ति के स्वामी से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर परिधि क्षेत्र मंे कट आऊट, होर्डिंग्स, पोस्टर या बैनर नहीं लगाए जाएंगे। मतदान के दिन अभ्यर्थियों द्वारा लगाए जाने वाले निर्वाचन बूथों पर एक बैनर लगाया जा सकेगा। इसका आकार 2 बाई 5 फीट से अधिक नहीं होगा। इस बैनर पर किसी राजनैतिक दल के नेता या अभ्यर्थी का चित्र एवं फोटो या चुनाव चिन्ह या नारा प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। आमसभा, जुलूस एवं रैली आदि के लिए अधिकारिता रखने वाले कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन अधिकतम चुनाव खर्च सीमा निर्धारित की गई है। जिला परिषद सदस्य के लिए  3 लाख 50 हजार, पंचायत समिति सदस्य के लिए एक लाख 50 हजार तथा सरपंच के लिए एक लाख रूपये अधिकतम खर्च की सीमा है। चुनाव खर्च का लेखा प्ररूप क में परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के अन्दर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) (कलक्टर) या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्राप्त लेखा को कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर तीन दिन तक प्रदर्शित किया जाएगा। इसके आगामी सात दिवस में कोई भी व्यक्ति उक्त प्रारूप में दर्शित खर्चे के संबंध में आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा। जांच उपरान्त शिकायत में अंकित तथ्यों के साबित पाए जाने पर नियमानुसार समुचित कार्यवाही की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि पंचायत समितियों के रिटर्निंग अधिकारियों को जिला परिषद सदस्य के निर्वाचन के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरपंच, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य सम्बन्धित क्षेत्राधीन के अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्त्ता को सभा स्थल, रैली, वाहन, लाउड स्पीकर, गैर वाणिज्यिक एयरपोर्ट, हैलीपेड, पोस्टर एवं बैनर की अनुमति जारी करने की आवश्यक कार्यवाही पंचायत समिति रिटर्निंग अधिकारी स्तर से की जाएगी।

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