अनूप-शुभ्रा के सृजन के पच्चीस वर्ष
कला केवल रंगों, रेखाओं और आकृतियों का संयोजन नहीं होती, वह जीवन की अनुभूतियों, संबंधों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति भी होती है। जब दो कलाकार अपने-अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व, दृष्टि और शैली के साथ जीवन की यात्रा में सहयात्री बनते हैं, तब उनकी रचनात्मकता एक नए आयाम को जन्म देती है। डॉ. अनूप कुमार चांद और … Read more