हिरासत में मौतें: बढ़ते आंकड़े, घटती जवाबदेही
महज 74 दिनों में 170 मौतें—यह आंकड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है। हिरासत, जहां कानून के संरक्षण की उम्मीद होती है, वहीं अगर मौतें होने लगें, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा सवाल है। इतनी बड़ी संख्या का सामने आना इस बात का संकेत है कि समस्या केवल बनी हुई नहीं है, बल्कि … Read more