अपने अपने कुरुक्षेत्र में
*आवाजों का छायादार चेहरा* *रात घर से निकलते हुए डर लगता है* *चांद दीवार पर रखा कटा सर लगता है* *अब्बास ताबिश का यह शे’ र हर उस समय के लिए माैजू बैठता है जब अंधेरे समूह चांद की चांदनी को डसने लगते हैं ।* *मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा जाने के रस्ते को बाधित … Read more