*श्रावक अदतादान चोरी के पाप से बचे= गुरूदेव श्री प्रियदर्शन मुनि*
संघनायक गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी महारासा ने फरमाया कि श्रावक का लक्ष्य पाप की दुनिया को छोड़कर संयम की दुनिया में प्रवेश करना है। इसके लिए पाप को जानना आवश्यक है तीसरा पाप है अदतादान ,बिना दिए पदार्थ को ग्रहण कर लेना अदतादान है, चोरी का नाम लेते ही हमारे सामने एक फिल्म आती … Read more