*संयम जीवन ही उपादेय होता है:गुरुदेव प्रियदर्शन मुनि*
संघनायक गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी महारासा ने फरमाया कि इस संसार की स्थिति पर विचार करें जीवन की क्षणभंगुरता को जानने का प्रयास करें। यह आयुष्य कब पूरा हो जाएगा इसका कोई भी भरोसा नहीं है। जिस प्रकार ओस की बूंद जो तिनके के अग्रभाग पर स्थित होती है, उसका अस्तित्व कितना सा है। … Read more