सरकार के अधिकार ?

यूँ तो सरकार के पास असीमित धिकार है जिनको विभिन्न सरकारी एजेंसी के द्वारा समय समय पर प्रयोग भी कया जाता है । लेकिन केंद्र की सरकार के पास एक निरंकुश आर्थिक कानून भी है आयकर अधिनियम जिसको आयकर विभाग के द्वारा लागू किया जाता है ? अब यह बात अलग है की सरकार के … Read more

कानून का रंग ?

लगता है कि अब समय आ गया है जब व्यवस्था से गुस्साए लोग मनुस्मृति की तरह वर्तमान कानून की किताबों की होली जलाएंगे ? हम यह बात ऐसे ही नहीं कह रहे हैं यह बात इस समाचार के बाद उभर रही है जब गाज़ियाबाद की सीबीआई अदालत ने 1996 में भोजपुर जिला ग़ाज़ियाबाद के 4 … Read more

राजनैतिक रियासतों के कब्जे में यूपी की सियासत

उत्तर प्रदेश की रियासत और सियासत राम से ही शुरू होती है और इसका अंत भी राम पर ही होता है. फ़र्क अगर आया है तो बस इतना ही कि तब पिता के कहने पर एक बेटे ने चौदह बरस का वनवास काटा था. अब एक पुत्र अपने पिता का राजनीतिक वनवास चाह रहा है. … Read more

चुनाव में विकास और मुद्दें गौण !

देश की राजनीति में अपनी अहम भूमिका रखने वाले प्रदेश उत्तर प्रदेश में चुनावी संग्राम जारी है. तमाम सियासी दल ऐन केन प्रकारेण सत्तासीन होने की जुगत में हैं. सपा में गहरे घमासान के बाद अखिलेश का मुखौटा बनकर चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है तो कांग्रेस भी लगे हाथ उसकी नाव में सवार … Read more

शहीद दिवस का झूठा भम्र फैलाया जा रहा है

आज फेसबुक/व्हाट्सएप्प पर सुबह से ही कुछ लोगों द्वारा आज ही के दिन यानि14 फरवरी को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की फांसी का दिन बताकर शहीद दिवस का झूठा भम्र फैलाया जा रहा है जबकि तीनों महान क्रांतिकारियों को 07 अक्टूबर 1930 की फांसी की सजा सुनाकर 24 मार्च 1931 की सुबह का समय निर्धारित … Read more

खरी खरी !!

लगता तो ऐसा है कि भारत सरकार का नेतृत्व करने वालें नेताओं को इतना घमंड हो गया है कि वह संसद को भी किसी चुनावी रैली का मंच समझने में पीछे नहीं रहते ? वह भारत की विपक्षी पार्टियों को नीचा दिखने में कभी भी शर्म महसूस नहीं करते ? पूर्व प्रधान मंत्री पर उन्होंने … Read more

विवाद की आग जलती रहे, फिल्म वालों की तिजोरी भरती रहे…!!

अब स्वर्ग सिधार चुके एक ऐसे जनप्रतिनिधि को मैं जानता हूं जो युवावस्था में किसी तरह जनता द्वारा चुन लिए गए तो मृत्यु पर्यंत अपने पद पर कायम रहे। इसकी वजह उनकी लोकप्रियता व जनसमर्थन नहीं बल्कि एक अभूतपूर्व तिकड़म थी। जिसमें उनके परिवार के कुछ सदस्य शामिल हेोते थे। दरअसल उन साहब ने अपने … Read more

जादू उतार पर है ?

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जिस प्रकार से एक राष्ट्रिय पार्टी के अध्यक्ष के नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटों और मुस्लिमो के बीच दंगे करा कर ध्रुवीकरण की जो पटकथा लिखी गई थी अब उसकी परतें खुलने लगी हैं! क्योंकि 33 महीने के बाद भी किसानो की जो दुर्दशा हो रही है … Read more

2000 भी क्यों ?

हिप्पोक्रेसी का एक और नमूना , अब तक तो राजनितिक पार्टियां 20 हजार से कम चंदे का सोर्स बताने कई जरुरत नहीं थी, अब सरकार के आदेश के अनुसार 2000 ₹ तक का चंदा कैश में लिया जा सकता है । हम कहते हैं कि 2000 भी क्यों जब पारदर्शिता ही करनी है टीओ एक … Read more

एक ‘छुपा रूस्तम’ दल बसपा

-संजय सक्सेना, लखनऊ- बहुजन समाज पार्टी(बीएसपी) को उत्तर प्रदेश की सियासत का ‘छुपा रूस्तम’ कहा जाता है। चुनावी मौसम में अन्य दलांे की अपेक्षा बीएसपी के बारे में यह आंकलन करना मुश्किल होता है कि वह क्या गुल खिलायेगी। शहरी एंव गॉव-देहात के दबे-कुचलों की पार्टी समझी जाने वाली बीएसपी के समर्थकों की पहचान यही … Read more

यह पीर परबत सी हो गई हैं !!!

इस लिए नहीं की हम उस नसीब वाले की तरह कम पढ़े लिखे नहीं है , हमारे पास डिग्री सुरक्षित है जो मांगने पर दिखाई जा सकती है , इस लिए हम इस चकल्लस में महिलाओं को शामिल ही नहीं करते!) और मित्रों एक जुमला है खोदा पहाड़ निकल चूहा ? लेकिन हमने देखा है … Read more

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