लोकतंत्र, सत्ता और राष्ट्रवादी ?
जिस जनतांत्रिक देश में नकली सामान , सिंथेटिक दूध , मिलावटी मशाले , मिलावटी तेल घी खाद्द सामग्री धड़ल्ले से बनता हो और बिकता हो , हद तो तब हो जाती है जब मरीज दवा खरीदने बाजार जाता है और जैनरिक दवाओं के स्थान पर उसे महंगी दवाई खरीदनी पड़ती है ? इतना ही नहीं … Read more