इन्द्राणी की सेक्स कहानी को क्यों परोस रहा है मीडिया

टीवी चेनल हो या अखबार, दोनों में ही इन्द्राणी मुखर्जी उर्फ परी की सेक्स कहानी को ऐसे दिखाया जा रहा है जैसे इन्द्राणी ने देश के लिए कोई बढ़ा काम किया है। पिछले तीन-चार दिनों में जब भी कोई न्यूज चैनल देखा जाए तो इन्द्राणी की सेक्स कहानी ही सुनने और देखने को मिलती है। … Read more

प्रदेश सरकार द्वारा सचिन पायलट पर लगाये गये आरोपो पर जबाब

माननीय मुख्यमंत्री महोदय स्वर्गीय राजेश पायलट सहाब ने भारतीय सेना मे शामिल होकर देश की सेवा करने के बाद बार्डर पर देश के दुशमनो को खत्म करने के बाद राजनिती मे प्रवेश कर अपनी आखरी सासं तक जनता व गरीबो के दुश्मनों से जमकर लोहा लीया । वही स्वर्गीय पायलट सहाब के बाद भले ही … Read more

प्राइवेट बेंको के लुटने का खेल

देश की प्रमुख प्राइवेट बेंको ने सुविधाओ के नाम पे ग्राहकों को ठगने का गोरख धंधा चालु कर लिया हे ।इनमे छोटी से छोटी सुविधा को लेकर भी बेंको ने शुल्क निर्धारित कर रखा हे और ग्राहकों को लुटने की योजना को चला रहे हे | सबसे पहले तो एक बात की 10000 रूपये के … Read more

‘अच्छे दिनों’ की आस बाकी है

-बाबूलाल नागा- गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण दूर करने, आर्थिक विकास व समृद्धि, महिला सुरक्षा आदि नारों के दम पर आने वाली मोदी सरकार इन मुद्दों को ताखे पर रखकर काम करने लगी है। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के माध्यम से गरीब किसानों की जमीन औने-पौने भाव में कॉरपोरेट को देने पर आतुर है। मजदूरों के अहितकर कानूनों … Read more

ये तुम्हारे गले में किसकी आवाज़ है हार्दिक ?

गुजरात में अराजकता का नया चेहरा उभर कर सामने आया है जिसकी भाषा तोगड़िया सी है और कार्यशैली केजरीवाल जैसी है ,जो बंदूक और रिवोल्वर से प्यार करता है और जिसके समर्थक ओडी तथा मर्सिडीज गाड़ियों में बैठकर आरक्षण मांगने आते है ,कानून उनके लिए कुछ भी नहीं है ,अगर उन्हें मनमानी करने से रोका … Read more

आरक्षण पर अब हो बहस

अब वक्त आ गया है जब राजनीतिक स्वार्थों और वोट बैंक की राजनीति को छोड़कर आरक्षण पर देश में खुली बहस होनी चाहिए। अगर गुजरात में पटेल जैसा राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न वर्ग आरक्षण के लिए सड़क पर उतरा है,तो इसका मतलब साफ है कि अब विभिन्न जाति समूहों को ये लगने लगा … Read more

खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!!

-तारकेश कुमार ओझा- बचपन में अपने हमउम्र बिगड़ैल रईसजादों को देख कर मुझे उनसे भारी ईष्या होती थी। क्योंकि मेरा ताल्लुक किसी प्रभावशाली नहीं बल्कि प्रभावहीन परिवार से था। मैं गहरी सांस लेते हुए सोचता रहता … काश मैं भी किसी बड़े बाप का बेटा होता , या एट लिस्ट किसी नामचीन मामा का भांजा … Read more

अब उन्हें रामदेवरा में दलितों की धर्मशाला भी बर्दाश्त नहीं

पहले उन्होंने रामदेव पीर को दलितों से छीना ,बाद में उनकी विरासत पर काबिज़ हो कर मंदिर कब्ज़ा लिया और अब उन्हें रामदेवरा मंदिर के पास में दलितों की एक धर्मशाला तक मंजूर नहीं है.यह हाल है सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक रूनीजा के रामदेव पीर मंदिर का ,जहाँ पर इन दिनों भव्य मेला सज रहा … Read more

संलेखना (संथारा) आत्महत्या नहीं, आत्मसाधना है

जैन धर्म की सबसे प्राचीन आत्म उन्नयन की परम्परा है संथारा (संलेखना)। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और इसे अपराध घोषित किया है। जबकि संथारा आत्महत्या नहीं, आत्मसाधना है। संथारा एक अहिंसक और आध्यात्मिक साधना पद्धति है इसलिए इसके समर्थन में होने वाले उपक्रम भी अहिंसक एवं आध्यात्मिक ही होने चाहिए। … Read more

हमारी तप-संस्कृति है संलेखना, इसे कैसे छोड़ दें…राष्ट्रसंत पुलक सागर

हमने न्याय व्यवस्था का सदैव सम्मान किया है। न्यायालय के प्रत्येक निर्देश को हमेशा सिर माथे लिया है। हमने न्यायपालिका को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ मानते हुए उसके सभी आदेशों एवं निर्णयों के प्रति पूर्ण सम्मान भाव रखा है, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट के ताजा निर्णय से मन व्यथित है। हम न्यायालय के निर्णय पर प्रश्नचिन्ह … Read more

मीडिया तंत्र किसी ना किसी हाथो बिका हुआ है

मैं आपको बताना चाहूँगा की भारत का मीडिया तंत्र जिसको भारत के लोकतंत्र का सबसे अहम् चौथा स्तम्भ माना जाता है आज कल उस भारत का मीडिया तंत्र के बारे मे ऐसा प्रतीत होता है की वो मीडिया तंत्र किसी ना किसी हाथो बिका हुआ है। ये हक़ीक़त वो मीडिया तंत्र या उनकी कंपनिया ही … Read more

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