दरवेश

बहुत   खुश   होगा  दुनिया  बनाने  वाला। बहुत    रोया    सबको    हंसाने    वाला।। मुद्दत  से  ढूंढ  रहे  यार  हम  अपनों  को। काश वो  मिल जाए  रिश्ते बनाने  वाला।। केसे   गुजरे   हैं   मेरे   शाम   ओ   सहर। काश जान भी ले सच सितम ढाने वाला।। बेवफा  कहकर  जो  रुसवा  करता  रहा। मिलना नही  हम सा … Read more

अक्षय तृतीया पर्व है लोक से लोकोत्तर की दिव्य यात्रा

अक्षय तृतीया- 19 अप्रैल, 2026 अक्षय तृतीया महापर्व का न केवल सनातन परम्परा में बल्कि जैन परम्परा में विशेष महत्व है। इसका लौकिक और लोकोत्तर-दोनों ही दृष्टियों में महत्व है। अक्षय शब्द का अर्थ है कभी न खत्म होने वाला। संस्कृत में, अक्षय शब्द का अर्थ है ‘समृद्धि, आशा, खुशी, सफलता’, जबकि तृतीया का अर्थ … Read more

मांगलिक कार्यो को आरंभ करने का अबूझ मुहूर्त है -अक्षय तृतीया

परशुराम जयन्ती भी मनायी जाती है धूमधाम से ऐसा दिन जिसका सभी बेसर्बी से इंतजार करते है वह है – अक्षय तृतीया का दिन। यही ऐसा अबूझ मुहूर्त है जिसमें हर सामान्य नागरिक अपने शुभ कार्य निपटाना चाहता है। इस दिन से ब्याह-परिणय करने का आरम्भ हो जाता है। बड़े-वृद्ध अपने पुत्र-पुत्रियों के लगन का … Read more

‘वात्सल्य पीठ’: करुणा, साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ

दिल्ली जैसे महानगर की आपाधापी, भागदौड़ और संवेदनहीनता के बीच यदि कोई ऐसा स्थान निर्मित हो, जहाँ पहुंचते ही मन शांत हो जाए, आत्मा को विश्राम मिले और जीवन को एक नई दिशा का बोध हो, तो निश्चय ही वह स्थान साधारण नहीं, बल्कि दिव्यता का स्पंदित केन्द्र होता है। ‘वात्सल्य पीठ’ ऐसा ही एक … Read more

हमारी यह पेंशन

देकर अपनी जवानी के बहुमूल्य वो सारे पल खरीदीं है हमने थोड़ी सी सरकार की पेंशन, वृद्ध अवस्था में अपने चाहे साथ दे या ना दे हमें भूखें रखते नहीं कभी, हमारी यह पेंशन। दुनियां चाहे जो भी कहे पेंशन के बारे में पर पेंशन धारकों के लिए सर का ताज है पेंशन, औरों के … Read more

जीना है तो गेंहू छोड़ दो

आज से ही सब छोड़ दो यह गेंहू की रोटिया खाना, नही तो यारो पहुंचा देगा यह सभी को सफाखाना। खा खाकर जिससे सब लोग आज बढ़ा रहे है तोंद, जीना है तो गेंहू छोड़ दो सब मानो हमारा कहना।। मोटापा-डायबिटीज बढ़ रहा है इससे हृदय के रोग, आज मिक्स अनाज खाकर रहो आप सब … Read more

मेरे लफ़्ज़ों की आख़िरी बात तू

 मेरे लफ़्ज़ों की आख़िरी बात तू, मेरी ख़ामोशी का हर राज़ तू, तुझसे ही चलती है ये धड़कन, मेरे होने का एहसास तू तेरे बिना सब फीका सा लगे, जैसे कोई सपना अधूरा लगे, तू जो मिले तो रंग भर जाएँ, वरना हर पल बस धुंधला लगे तू पास आए तो दिल ये कहे, अब और कुछ भी ज़रूरी ना रहे मेरे लफ़्ज़ों की आख़िरी बात तू, मेरी ख़ामोशी का हर राज़ तू, तुझसे ही जुड़ी मेरी हर कहानी, मेरे जीने की हर वजह तू तेरे ख्यालों में बहता रहूँ, तेरे साथ ही ठहरता रहूँ, तू जो मिले तो सब मिल जाए, तेरे बिना क्यों जीता रहूँ जब तू साथ है तो कमी क्या है, तेरे बिना हर खुशी अधूरी सी है मेरे लफ़्ज़ों की आख़िरी बात तू, मेरी रूह का गहरा राज़ तू, तुझमें ही सिमटा मेरा हर सफर, मेरी दुनिया, मेरा आज तू “राहत टीकमगढ़”

सूरों की आशा बनकर गूंजती रहेगी आशा भोसले

भारतीय संगीत का आकाश आज कुछ अधिक मौन, कुछ अधिक रिक्त प्रतीत होता है। स्वर की वह चंचल चिड़िया, जन-जन को चमत्कृत करने वाली आवाज जिसने दशकों तक हर हृदय में मधुरता के बीज बोए, आज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हो, पर उसकी गूंज अनंत में विलीन होकर भी अमर बनी … Read more

सुपारी: भारतीय संस्कृति की अमिट पहचान- ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश पांडे

भारत में जब भी त्योहारों और शादियों का मौसम आता है, तो पूरा देश रंगों, संगीत और परंपराओं से सराबोर हो जाता है। इन उल्लासपूर्ण आयोजनों के बीच एक छोटी-सी चीज़ अक्सर अनदेखी रह जाती है – सुपारी। यह साधारण-सा बीज वास्तव में भारतीय संस्कृति का एक गहरा प्रतीक है, जो सदियों से हमारे धार्मिक और … Read more

समानता और न्याय के अग्रदूत: डॉ. अंबेडकर की विचारधारा आज भी प्रासंगिक

14 अप्रैल डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष लेख 14 अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिन भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था, जिन्हें पूरे देश में बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है। वे भारतीय संविधान के निर्माता, महान समाज सुधारक, न्यायविद, अर्थशास्त्री और दूरदर्शी नेता थे। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायक गाथा है। डॉ. अंबेडकर … Read more

प्रतिभा के पुंज — डॉ. भीमराव अंबेडकर

डॉ. अंबेडकर जयंती पर विशेष सन 1930 में लंदन में आयोजित गोलमेज कॉन्फ्रेंस में शेर की तरह दहाड़ते हुए एक युवक ने कहा ‘‘अंग्रेजों पहले तुम भारत छोड़ो‘‘। युवक के मन में देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाने एवं वहां रह रहे दलितों के जीवन स्तर को सुधार कर सभी लोगों को समान … Read more

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