गड्ढों वाली व्यवस्था और खतरे में पड़ता जीवन

गड्ढों में गिरी व्यवस्था में समाप्त होता जीवन आज के भारत की एक ऐसी विडंबना बन चुका है, जिसे देखकर मन भीतर तक सिहर उठता है। नोएडा में कार सवार युवा इंजीनियर की गड्ढे में गिरकर मौत का दर्द अभी समाज के मन से उतरा भी नहीं था कि दिल्ली में बाइक सवार युवक की … Read more

डराने लगी है ऑनलाइन गेमिंग की लत एवं आभासी दुनिया

ऑनलाइन गेमिंग की लत एवं आभासी दुनिया कितनी भयावह एवं घातक हो सकती है, इसकी एक ही दिन में दो अलग-अलग जगह घटी घटनाओं ने न केवल झकझोरा है, बल्कि यह हमारे समय, हमारी सामाजिक संरचना और हमारी सामूहिक असावधानी पर लगा हुआ एक गहरा प्रश्नचिह्न बना है। धीरे-धीरे किशोरवय को अपने चपेट में लेने … Read more

व्हाट्सएप निमंत्रण : सुविधा के साथ संवेदना भी जरूरी

–बाबूलाल नागा     समय के साथ समाज बदला है और उसके साथ बदल गया है हमारे आपसी संवाद का तरीका भी। एक दौर था जब शादी-ब्याह, गृह प्रवेश या किसी अन्य पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण स्वयं घर आकर दिया जाता था। वह कार्ड केवल सूचना नहीं होता था, बल्कि रिश्तों की औपचारिक अभिव्यक्ति होता था। दो शब्दों … Read more

क्या यही हमारे राजस्थान का कानून है …..

क्या यही हमारे राजस्थान का कानून है कि अगर कोई धार्मिक रैली, राजनीतिक रैली या अन्य किसी रैली में दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट गाड़ी चलाएं तो उसका पुलिस कभी भी चालान नहीं बनाती ना ही अभय कमांड के कैमरे उनकी कवरेज करते हैं, दूसरा बात कोई नेता को लेने एयरपोर्ट गाड़ियां जाती है … Read more

विकसित भारत की उड़ान: बजट 2026 के आर्थिक संकल्प

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नवीन केंद्रीय बजट को यदि समग्र दृष्टि से देखा जाए तो यह केवल एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के स्वप्न की ठोस आधारशिला के रूप में सामने आता है। यह बजट उस रिफॉर्म एक्सप्रेस की तरह है जो बीते वर्षों में चली आर्थिक सुधारों … Read more

आर्थिक सर्वेक्षण से बजट तक : भविष्य के भारत की तलाश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के पटल पर प्रस्तुत किया जाने वाला बजट केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि वह देश की आर्थिक दिशा, सामाजिक प्राथमिकताओं और भविष्य की संभावनाओं का दर्पण होता है। आज जब भारत एक ओर तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व मंच पर अपनी पहचान … Read more

1 फरवरी गुरु रविदास जयंती : सामाजिक समता और मानवीय गरिमा के महान उद्घोषक

–बाबूलाल नागा        गुरु रविदास जयंती हिंदू चंद्र पंचांग के माघ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। यह आमतौर पर हर साल जनवरी या फरवरी में पड़ती है। 2026 में गुरु रविदास जयंती रविवार, 1 फरवरी को मनाई जाएगी। गुरु रविदास जयंती एक विशेष अवसर है जो 15वीं शताब्दी के संत, कवि और समाज सुधारक गुरु … Read more

यह करो पक्का मान सम्मान बढ़ जाएगा

मैं आपको एक बात बताने जा रहा हूं आप यह करो पक्का आपका मान और सम्मान दोनों बढ़ेगा। आप किसी के घर जाएं और वो केवल आपको पानी ही पूछता हो तो उसका इतना सा बोले भाभी जी यह आपकी बहू है अरे यह तो आपकी छोटी बहन लगती है, आप दोनों तो छोटी बहन … Read more

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया … Read more

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया … Read more

हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए अपने जीवन का बलिदान करने वाले बापू को हमेशा याद रखेगा हिंदुस्तान

शहीद दिवस (Martyrs Day)      आईये जानिये कि हमारे देश के अंदर 30 जनवरी के अतिरिक्त किन किन दिन शहीद दिवस को मनाया जाता है | आपको यह जान कर के आश्चर्य होगा कि 23 मार्च,13 जुलाई,17 नवम्बर और 19 नवम्बर को देश के विभन्न राज्यों में शहीद दिवस मनाया जाता है | 23 … Read more

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