मोलाना अब्दुल कलाम आजाद

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्र नायक समृति दिवस में शामिल करे  मौलाना अब्दुल कलाम आज़ा महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद, पत्रकार और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे। वे स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री (1947-1958) रहे, जिन्होंने IIT, UGC और शिक्षा के आधुनिकीकरण की नींव रखी।  उनकी जयंती (11 नवंबर) को ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के … Read more

छत्रपति शिवाजी की अमर विरासत और आधुनिक भारत की दिशा

19 फरवरी भारत के इतिहास का वह गौरवपूर्ण दिवस है, जब हम छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाते हैं। यह केवल एक जन्मतिथि का स्मरण नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के उस अद्भुत अध्याय का उत्सव है, जिसने पराधीनता के अंधकार में स्वराज्य का दीप प्रज्वलित किया। सत्रहवीं शताब्दी में जब भारत … Read more

गेहलपुर हिंगलाज माता

मनोकामनाएं सारी पूर्ण करती यह माता हिंगलाज, हज़ारों साल पुराना मंदिर जो गेहलपुर में है आज। शांति एवं सुकून मिलता जहां ऐसा पवित्र ये स्थान, प्राचीन कथानुसार प्रथम कुलदेवी चारण समाज।। मूल स्थान का प्रतीक मंदिर है ब्लूचिस्तान में आज, उसी का दुर्लभ जागृत रुप यह अजमेर राजस्थान। अरांई क्षेत्र में पड़ता है ये जिसके … Read more

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की वैचारिक क्रांति

बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर इतिहास के मोड़ पर खड़ी है। लगभग दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद यदि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौटती है और तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की दावेदारी तक पहुंचते हैं, तो यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा परिवर्तन का संकेत … Read more

तनाव, आतंक और अंधकार के बीच शिव का प्रकाश

15 फरवरी 2026 को जब समूचा भारत महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएगा, तब यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं होगा, बल्कि आत्मजागरण का विराट अवसर होगा। महाशिवरात्रि वह रात्रि है जब साधक अपने भीतर के अंधकार को पहचानकर शिवत्व के प्रकाश से उसे आलोकित करने का संकल्प लेता है। शिव केवल देवता नहीं, वे चेतना … Read more

वैलेंटाइन डे प्यार, स्नेह , प्रेम, आपसी समझ और रोमांस का वैश्विक उत्सव

निर्विवाद रूप में वैलेंटाइन डे प्यार, स्नेह , प्रेम, आपसी समझ और रोमांस का वैश्विक उत्सव है, जो रोमांटिक साथियों के बीच ही नहीं  किन्तु सभी लोगों का परस्पर समन्वय सहयोग भाई चारे ,सच्ची दोस्ती और स्नेह व्यक्त करने का दिन है। आधुनिक समय में, यह भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों को प्राथमिकता देने, अपने … Read more

डीपफेक का धोखा और डिजिटल सख्त नियमों की अनिवार्यता

डिजिटल युग में सूचना की गति जितनी तीव्र हुई है, उतनी ही तेजी से भ्रम, छल और दुष्प्रचार की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपफेक तकनीक ने इस चुनौती को और जटिल बना दिया है। अब केवल शब्दों से नहीं, बल्कि चेहरों, आवाजों और भाव-भंगिमाओं से भी झूठ को सच की तरह प्रस्तुत … Read more

हे राम…, कैसे कहूं बजट है रंगीन !

चौथा स्तंभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लायक भी नहीं !!? – मोहन थानवी राजस्थान में निकट भविष्य में कोई चुनाव नहीं होने का खमियाजा राजस्थान के पत्रकार, युवा, महिलाएं और मध्यम से लेकर निम्न आय वर्ग के लोगों को उठाना पड़ रहा है । बीते दिनों जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां-वहां राजनीतिक दलों ने … Read more

डिजिटल क्रांति पर साइबर प्रहार गंभीर चुनौती

डिजिटल युग ने भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं ने लेन-देन को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाया है। आज एक सामान्य नागरिक भी कुछ सेकंड में देश के किसी भी कोने में धन भेज सकता है, बिल जमा कर सकता है या … Read more

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती  एक महान विचारक, समाज सुधारक थे। उनका जन्म गुजरात के टंकारा में ओडीच  य परिवार के अंदर 12 फरवरी  1824 को हुआ था  उनके बचपन का नाम मूल शंकर’ था। उन्होंने ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा दिया और मूर्तिपूजा, छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया। उन्होंने … Read more

महर्षि दयानंद की ऋषि -दृष्टि का जीवंत विश्वविद्यालय

महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर विशेष भारतीय शिक्षा परंपरा केवल सूचना प्राप्ति का माध्यम नहीं अपितु मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वित विकास का साधन रही है। इसी दिव्य परंपरा को पुनर्जीवित करने का महान संकल्प महर्षि दयानंद सरस्वती ने लिया था। उन्होंने ऐसी शिक्षा की कल्पना की थी जो वेदसम्मत हो, … Read more

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