चौबे से छब्बे बनने के चक्कर में कहीं दुबेजी बनकर न रह जाए ‘आप’

-डॉ. वेद प्रताप वैदिक- ‘आप’ पार्टी ने जो चमत्कार दिल्ली में किया है, वह अन्य प्रांतों में पहले भी हो चुका है। आंध्र में 1983 में ‘तेलुगु देशम’ और असम में ‘अगप’ ने 1985 में इतनी सीटें और वोट प्राप्त कर लिए थे कि अनुपात की दृष्टि से देखा जाए तो वे ‘आप’ से भी … Read more

जीतकर भी हार गई भाजपा

-सुन्दर लोहिया- जिन चार राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए उनमें राजस्थान मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ देश के बीमारु राज्य कहलाते हैं। इन राज्यों में विकास की अपेक्षा जाति को देश के बजाय धर्म को महत्व दिया जाता है। दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ प्रबुद्ध और जागरूक जनता का केन्द्र माना जा सकता है। इसलिए … Read more

बढ़ते दुष्कर्म…बेफिक्र अधिकारी !

दुष्कर्म के 2012 में सबसे ज्यादा 2049 मामले सामने आए  1975 में सबसे कम 164 मामले आए सामने  वर्ष 2007 से 2012 तक दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे है फिलहाल पुलिस की 2013 की रिपोर्ट अभी जारी होना बाकी कांग्रेस सरकार के कुछ मंत्री और विधायक अभी जेल में  तो आस्था का प्रतीक … Read more

भारतीय शिक्षा – बूचड़खानों के हाथ में गौशाला ?

जी हाँ ! कल्पना करो, गौशाला में गाय की जो भूमिका है वहीं विद्यालयों में शिक्षक की है। मान लीजिए 100 परिवार मिल कर शुद्ध दूध पीने के लिए एक गौशाला बनाने के इच्छुक किसी व्यक्ति जिसका नाम सुरेश है से सम्पर्क करते हैं। 100 परिवारों को शुद्ध दूध चाहिए और एक व्यक्ति गौशाला चलाने … Read more

एक औरत की मांग पर अमल -आंख के बदले आंख

तवील  इंतज़ार  के  बाद वह दिन आया जब नसीम बानो को इन्साफ मिला. पांच  साल पहले एल दिन वह काम से घर लौट रही थी जब राहत अली नाम के  व्यक्ति ने तेज़ाब से भरी बाटली  उसके चहरे पर उंडेल दी.  नतीजा यह हुआ कि उसकी आँखों की रोशिनी जाती रही और वह बहुत बुरी तरह से झुलस कर रह  गई. नसीम बानो  लगातार राहत अली के हर शादी के प्रस्ताव को ठुकराती रही, और वे धमकियाँ भी नज़र-अंदाज़ करती रही जो  राहत अली उसे देता रहा कि वह उसे … Read more

राष्ट्रीय एकीकरण की राह में रोड़ा है अनुच्छेद 370

–आशुतोष भटनागर- जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का वैसे ही अभिन्न अंग है जैसे कोई भी अन्य राज्य। जम्मू-कश्मीर का प्रत्येक निवासी भारतीय नागरिक है और उसे वे सभी अधिकार हासिल हैं जो भारत के किसी भी नागरिक को हैं। संविधान का कोई भी प्रावधान उसे मौलिक अधिकार प्राप्त करने से रोक नहीं सकता। अगर अनुच्छेद 370 की … Read more

लहर होती तो…

दिसंबर 2013 की एक तारीख को राजस्थान विधानसभा चुनाव के तहत मतदान शांति पूर्वक संपन्न हुआ। लोकतंत्र के इस महाकुंभ के लिए अब तक के रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत ने 2003 के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। इसमें एक रिकॉर्ड यह भी कि इस बार 16 लाख से अधिक युवा मतदाताओं ने पहली बार मिले … Read more

अरविन्द केजरीवाल का विरोध आखिर क्यो?

देश में भ्रष्टाचार, चमचागीरी, सत्ताई दलाली, चारणभाटी अब कुछ लोगों के लिए रोजी रोटी बन चुका हैं। और यह सत्य है कि कोई भी सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन रोजी रोटी पर लात पड़े तो वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। आज घूसखोरी, कमीशन कुछ लोगों के लिए रोजगार बन चुका है। थाने, सरकारी … Read more

विदेशों से घटिया जूता खरीद

सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए घटिया खरीद पर उच्चतम न्यायालय ने तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि ”हम परमाणु क्षमता रखते हैं। मंगल पर यान भेज रहे हैं, फिर जूते जैसी छोटी-छोटी चीजें विदेश से क्यो मंगा रहे हैं और वह भी खराब क्वालिटी के“। विदेशी सामग्रीयों की बिक्री, आयात और उपभोग से न … Read more

पण यो पाडो पैलां रे खूंटे नी बंध जावे

शाहपुरा: चुनावी चुहल / लोककवि स्व. श्री मोहन मण्डेला की पुण्यतिथि 29 नवम्बर पर -मूलचन्द पेसवानी. शाहपुरा- ‘‘नान्यो नेतागिरियां कर रह्यो है तो करबा दे,  जनता को लोठ्यो भर रह्यो है तो भरबा दे,  पण जदैं आपणो पाडो, भैंस पराई चूख्यावे,  ई म कइं कुळ रे दाग लागणो है, पण यो पाडो पैलां रे खंूटे नी बॅध जावे, … Read more

इस बार कोई तीसरा ही जीतेगा

चुनाव के दिनों में एक प्रमुख शहर में एक दल की लाख कोशिशों के बावजूद उनका उम्मीदवार चुनाव हार जाता था. इस बारे में पार्टी में विचार हुआ कि हम बार बार क्यों हार जाते हैं? हमने चुनाव के दिनों में खूब जातिवाद का प्रचार करके देख लिया, समाज के मंदिर में जाति की पंचायत … Read more

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