वसुधैव कुटुम्बकम्” तथा “जीयो और जीने दो” की संस्कृति का केन्द्र है, भारत
वाशिंग्टन डीसी / श्री ललित झा – 1. भौतिकता के इस युग में आपका भारतीय संस्कृति से किस प्रकार का जुड़ाव है ? आपके बारे में बताइये। डॉ. मोक्षराज -मैं जब 16 वर्ष का हुआ, तब मेरी आत्मा में वेद पढ़ने की प्रेरणा हुई और भगवान ने मेरी प्रार्थना सुनी। सरकारी नौकरी करते हुए वैदिक … Read more