कोलगेट: कानून मंत्री अश्विनी कुमार पर गाज गिरना तय

नई दिल्ली। कोयले की आग में अब आहुतियों की शुरुआत हो गई है। एडीशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) हरिन रावल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद कानून मंत्री अश्रि्वनी कुमार का बचना भी मुश्किल है। प्रधानमंत्री के खुलकर अश्रि्वनी कुमार के पीछे खड़े होने के बावजूद … Read more

यूपीए सरकार: घोटाले दर घोटाले

नई दिल्ली। संप्रग सरकार को घोटालों की सरकार कहा जा रहा है। 2जी से लेकर घोटालों की लंबी सूची में देश को करीब 6.25 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। इसके अलावा आदर्श घोटाले और सीवीसी की नियुक्ति में भी सरकार को शर्मसार होना पड़ा : 2 जी स्पेक्ट्रम (1.76 लाख करोड़ रुपये का घोटाला): -2008 … Read more

क्या स्टेटस में बदलाव किया गया था: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। कोर्ट ने पिछले दिनों के घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि सुनवाई तो कोयला ब्लॉक आवंटन में हुई अनियमितताओं पर चल रही थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने मामले का रुख मोड़ दिया है। अब वे पहले सीबीआइ की स्वायत्तता पर सुनवाई करेंगे। सीबीआइ जांच हर हाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र होनी चाहिए। … Read more

सुदीप्त की गैरमौजूदगी में बनी 10 हजार फर्जी पॉलिसी

कोलकाता। चिट फंड कंपनी सारधा घोटाले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि जिस दौरान कंपनी के चेयरमैन सुदीप्त सेन फरार थे उस वक्त कंपनी में 10 हजार फर्जी पॉलिसी बनाई गई। यह पॉलिसी कंपनी के एजेंट और आईटी विभाग की मदद से बनी। इधर, पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा … Read more

तृणमूल नेताओं को बचाने के लिए की जा सकती है सुदीप्त की हत्या

कोलकाता। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने सारधा समूह के चेयरमैन सुदीप्त सेन की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। मंगलवार को सिन्हा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जांच आयोग के चेयरमैन श्यामल सेन से मुलाकात कर सुदीप्त सेन की पुलिस हिरासत में हत्या की आशंका जाहिर की है। सिन्हा ने … Read more

नई दिल्ली। सच कहते हैं कि सत्ता पूर्णतया भ्रष्ट होती है। सत्ता की हनक की शिकार सीबीआई भी है। सहयोगी हों चाहे विपक्ष सभी सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं। कोयला आवंटन घोटाले में सीबीआइ की कलई भी खुल गई है। सीबीआइ के सहारे सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भी लताड़ लगाई। कोयले की कालिख से सरकार का मुंह काला हो गया है। कोल आवंटन घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने स्टेटस रिपोर्ट सरकार को दिखाया था। जब इस मामले का खुलासा हुआ तो सुप्रीम कोर्ट भड़क उठा। सुप्रीम कोर्ट में सीबीआइ ने कभी कुछ तो कभी कुछ बताया। अब जब सीबीआइ के निदेशक रंजीत सिन्हा ने हलफनामे में यह स्वीकार किया है कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट कानून मंत्री और दो संयुक्त सचिवों को दिखाई गई है। तब सीबीआइ से सुप्रीम कोर्ट ने पांच सवाल पूछे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह इतना बड़ा विश्वासघात है कि उसने पूरी नींद को हिलाकर रख दिया है। यह सामान्य नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया धोखा है। पहले ही तय कर लिया गया था कि कोर्ट को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी। सीबीआइ से सुप्रीम कोर्ट के सवाल पढ़ें: सीबीआइ ने क्यों नहीं बताया कि 8 मार्च की रिपोर्ट सरकार को दिखाई गई थी? सीबीआइ के वकील ने 12 मार्च को अदालत को क्यों बताया कि रिपोर्ट किसी को नहीं दिखाई गई थी? पढ़ें: क्या कानून मंत्री को सीबीआइ ने रिपोर्ट देखने का अधिकार है? क्या कोयला मंत्रालय और पीएमओ के संयुक्त सचिव भी स्टेटस रिपोर्ट देख सकते हैं? पढ़ें: कानून मंत्री और दो संयुक्त सचिवों के अलावा क्या रिपोर्ट किसी और को दिखाई गई? किसके कहने पर बदलाव किए गए और उनका असर क्या हुआ?

नई दिल्ली। सच कहते हैं कि सत्ता पूर्णतया भ्रष्ट होती है। सत्ता की हनक की शिकार सीबीआई भी है। सहयोगी हों चाहे विपक्ष सभी सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं। कोयला आवंटन घोटाले में सीबीआइ की कलई भी खुल गई है। सीबीआइ के सहारे सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भी लताड़ लगाई। कोयले … Read more

प्रेमी के लिए विधवा ने छोड़ा ममता का दामन

बक्सर। मैं विधवा हूं। मां हूं। लाचार हूं। मजबूर हूं। धोखेबाज भी हूं। यह कहानी है एक विधवा मां की, जिसने प्रेमी के लिए अपनी ममता का गला घोंट दिया। विधवा मां ने अपनी छह माह की बच्ची को बक्सर के चीनी मिल इलाके में एक कालेज के पास गली में छोड़ दिया। मंगलवार दोपहर … Read more

सरकार और कोयले की कालिख

नई दिल्ली। सीबीआइ के किस मेन्युअल में लिखा है कि उसकी रिपोर्ट कानून मंत्री देखेंगे? इस मामले में हमें अंधेरे में क्यों रखा गया? सीबीआइ निदेशक के हलफनामे में रिपोर्ट में बदलाव को लेकर साफगोई क्यों नहीं है? रिपोर्ट में क्या-क्या और किसके कहने पर बदलाव किए गए हैं? कोयला घोटाले की प्रगति रिपोर्ट को … Read more

यहां पेट के खातिर लगती है पसीने की बोली

पटना। शहर में रोजाना एक मंडी लगती है। खास चौक-चौराहों पर। यहां पेट की खातिर पसीने का तोल-मोल आम है। इस मंडी में मजदूरों दिहाड़ी का दाम लगता है। उम्र के हिसाब से। खरीदार न मिलने पर पेट पचकाए वे घर लौट जाते हैं। शहर का यह नजारा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन से लेकर असंगठित … Read more

मई दिवस: मजदूरों की चट्टानी एकता का प्रतीक

नई दिल्ली। एक मई यानी अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस। दुनिया भर के मजदूरों के लिए अपनी एकता प्रदर्शित करने का दिन। इस दिन दुनिया भर में मजदूर इकट्ठा होकर पूंजीवादी लूट, शोषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हैं। वे अपने अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेते हैं। पहली मई का दिन हर वर्ष जहां मजदूरों … Read more

कर्नाटक में ‘नमो नमो’, कांग्रेस परेशान

बेंगलूर। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू कर्नाटक की जनता के सिर चढ़ कर बोल रहा है। दक्षिण बेंगलूर में रविवार को आयोजित मोदी की रैली की सफलता ने जहां कांग्रेस की नींद उड़ा दी है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। प्रदेश भाजपा मोदी की लोकप्रियता भुनाने के लिए दो … Read more

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