साधु-संत भी लोकेषणा से मुक्त नहीं
इसमें कोई शक नहीं कि साधु-संत हमारे लिए सम्माननीय हैं। वे समाज का मार्गदर्शन करते हैं और आमजन में धर्म के प्रति आस्था कायम रखे हुए हैं और उसी वजह से इस अर्थ प्रधान व मतलबी दुनिया में संस्कार व नैतिक जीवन मूल्य मौजूद हैं, मगर वे भी वैसी ही लोकेषणा रखते हैं, जैसी कि … Read more