अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग तेरह डॉ श्रीमती शकुंतला तंवर पत्रकारिता पर तो अक्सर साहित्य से छेड़छाड़ और भाषा को बिगाड़ने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि पत्रकारिता ने हमेशा उस भाषा शैली का इस्तेमाल करने का प्रयास किया है, जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके। इस बात से इनकार नहीं है कि यदा कदा कुछ अखबारों ने … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग बारह श्री हरीश वर्यानी सिंधी भाषा के दैनिक समाचार पत्र हिंदू के अजमेर संस्करण के सम्पादक श्री हरीश वर्यानी अजमेर के पत्रकार जगत व देश के सिंधी साहित्य जगत में जाना पहचाना नाम है। सिंधी भाषा पर उनकी अच्छी पकड़ है। एक ओर जहां अरबी लिपि के जानकारों की संख्या लगातार कम होती जा … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग ग्यारह अजमेर की पत्रकार बिरादरी में कुछ नाम ऐसे भी रहे, जिन्हें फील्ड पर कभी नहीं देखा गया, या यूं कहें कि एडिटिंग डेस्क व पेज डिजाइनिंग से शुरुआत की और अंत तक उसी वर्क प्रोफाइल में रह कर एक इतिहास हो गए। उनमें से दो ऐसे हैं, जिनसे वर्षों का साथ रहा, मगर … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग दस अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाओं के बारे में जारी इस सीरीज में मेरे पत्रकार मित्र श्री अमित टंडन ने भी हाथ बंटाया है। मुझे उन्होंने ही ध्यान दिलाया कि हमारे पत्रकार साथी श्री अमित वाजपेयी व श्री क्षितिज गौड़ की विकास यात्रा से भी सुधि पाठकों को अवगत कराया जाए। मेरे आग्रह … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग नौ जनाब मुजफ्फर अली साठ के दशक में दिल्ली से अजमेर विस्थापित सैयद परिवार में जन्मे जनाब मुज$फफर अली अपने माता-पिता की अकेली संतान हैं। पिता का जरी का काम था, लेकिन उन्होंने परंपरागत काम करने की जगह पत्रकारिता को अपनाया। पत्रकारिता की शुरुआत 1994 में दैनिक नवज्योति के रविवारीय रंगीन पेज पर फीचर … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग आठ श्री अमित टंडन दैनिक भास्कर ने जल्दी ही पत्रकारिता की स्थानीय ज़मीन पर अपनी जड़ें जमा लीं थीं और नई पौध के युवा लेखकों ने उस दौर का पूरा उपयोग कर खुद को साबित किया। अजमेर में नए दौर की पत्रकारिता में 21वीं सदी के शुरुआत में जो नाम तेजी से बढ़ा था, … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग सात अजमेर के पत्रकारों व साहित्यकारों की कथा इस यात्रा में कोई कमी न रह जाए, लिहाजा मैने अपने पत्रकार मित्र श्री अमित टंडन से, जो कि उम्दा दर्जे के गजलकार होने के साथ-साथ टीवी एंकर भी हैं, से दैनिक भास्कर में मेरे और उनके साथ काम कर चुके कुछ साथियों के बारे में … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग छह श्री रास बिहारी गौड़ हास्य-व्यंग्य लिखने वाले किसी साहित्यकार की जीवन शैली भी हास्य और व्यंग्य से लबरेज हो, ऐसा इत्तेफाक कम ही मिलेगा। बात-बात में, हर बात में से झटपट हास्य-विनोद तलाश कर परोसना नि:संदेह विलक्षण क्षमता का द्योतक है। ऐसा अद्भुत, सजीव हास्य-पुंज, मस्तमौला हमारे अजमेर में उन्मुक्त ठहाके लगाता, लगवाता … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग पांच श्री सतीश शर्मा मुझे पत्रकारिता में पहला कदम सन् 1979 में लाडनूं ललकार पाक्षिक समाचार पत्र के संपादक स्वर्गीय श्री राजेन्द्र जैन ने रखवाया। तब मैं नागौर में था। उन्होंने मुझे सहायक संपादक बनाया। उसके बाद मैने दैनिक अणिमा, दैनिक अरानाद व आधुनिक राजस्थान के लिए बतौर रिपोर्टर काम किया। नागौर से माइग्रेट … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग चार स्वर्गीय श्री राजेन्द्र हाड़ा स्वर्गीय श्री राजेन्द्र हाड़ा पेशे से मूलत: वकील थे, मगर पत्रकारिता में भी उनको महारत हासिल थी। लंबे समय तक दैनिक नवज्योति में कोर्ट की रिपोर्टिंग की। बाद में दैनिक भास्कर से जुड़े, जहां उनके भीतर का पत्रकार व लेखक पूरी तरह से पुष्पित-पल्लवित हुआ। रूटीन की खबरों से … Read more

अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग तीन मित्रों, अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाओं के विषय पर जब लिखने का मन हुआ तो मुझे अंदाजा नहीं था कि यह गले पड़ जाएगा। कहते हैं न कि गए थे नमाज पढऩे और रोजे गले पड़ गए। वैसी ही हालत हुई है मेरी। असल में जिन पत्रकारों व साहित्यकारों को गहरे से … Read more

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