जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 5

आसू देवासी ने पनेर जाकर पेमल को बताया “तुम्हारा पति तेजा मरणासन्न हैं उसने तुम्हारें लिये यह रुमाल भेजा है | “तेजाजी के बलिदान का समाचार सुनकर पेमल की आँखें पथरा गई उसने मां से नारियल माँगा, सौलह श्रृंगार किये, परिवार जनों से विदाई ली और सुरसुरा जाकर तेजाजी के साथ सती हो गई | … Read more

समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान

(05 सितंबर 2017 शिक्षक दिवस पर विशेष Article) शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्य देवो भवः … Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 3

अपनी बहिन राजल को उसके ससुराल से लोटा आने के बाद तेजाजी ने अपनी माँ और भाभी से पनेर जाने की इजाजत मागीं | माँ-भाभी ने पंडितजी की सलाह के बाद कहा कि वे दो महिने बाद शुभ मुहूर्त पर जायें तब तेजाजी बोले “जंगल के शेर को कहीं जाने के लिए मुहूर्त निकलवाने की … Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 4

तेजाजी विजयी होकर वापस पनेर आये | तेजाजी तुरंत नागराज के पास पहुंच कर उन्हें डसंने को कहा | लहूलुहान तेजाजी को नागराज बोले तुम्हारे रोम- रोम से खून टपक रहा है तो मैं तुम्हें कहाँ डसूं ? तेजाजी बोले कि मेरे हाथ की हथेली व जीभ पर कोई घाव नहीं है इसलिए आप यहाँ … Read more

मासिक राशिफल (भविष्यफल) सितम्बर 2017

मेष —चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ। —-मेष राशि वाले जातको के लिए इस माह में प्रयास में सफलता मिलेगी। वातावरण पक्षधर रहेगा। क्रियान्वयन पक्षधर बनेगा। नौकरी में परिवर्तन की स्थिति। न्यायसंगत कार्य हो पाएंगे। रुके कार्य, विवाद, समस्या का निराकरण होगा….कारोबार में बढ़ोत्तरी होगी,स्थान परिवर्तन का योग बनता हैं,स्वास्थ्य ठीक रहेगा … Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 2

लोकगाथाओं के मुताबिक तेजाजी का विवाह उनके बाल्यकाल में ही पनेर गाँव में रायमल्जी की पुत्री पेमल के साथ हो गया था किन्तु शादी के कुछ समय बाद ताहरजी और पेमल के मामा में अनबन एवं वादविवाद हो जाने की वजह से पेमल के मामा की म्रत्यु हो गई जिसके कारण परिवार वालों ने तेजाजी … Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 1

(माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 —- भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160 यानि 29 जनवरी 1074– 28 अगस्त 1103) तेजाजी के मंदिर राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गजरात तथा हरियाणा के विभिन्न स्थानों में मोजूद हैं। तेजाजी के मंदिरों में साधरणतया निम्न वर्गों के लोग ही पुजारी का काम करते हैं जिन्हें भोपा भी कहा जाता है | … Read more

राजस्थान के जन के देव —-बाबा रामदेव—रामसापीर Part 5

रामदेवरा मन्दिर रामदेवरा मन्दिर हिन्दू मुसलमान दोनों की आस्था का केन्द्र बिन्दु हैं । रामदेवजी के वर्तमान मंदिर का निर्माण सन् 1939 में बीकानेर के महाराजा श्री गंगासिंह जी ने करवाया था, इसके निर्माण पर उस समय 57 हजार रुपये व्यय हुए थे। रामदेवरा मन्दिर अपने आप में अनोखा है क्योंकि यहाँ बाबा रामदेव की … Read more

ब्यावर का प्रसिद्ध ‘तेजा-मेला’

भारत वर्ष दुनिया में ऐसा देश है जहां दुनिया भर के लोग अपने-अपने धर्म का स्वतंत्रय रूप से पालन करते हुए शांति, भाईचारे, सहआस्तित्व के साथ रहते हैं। ऐसा अनोखा उदारहरण दुनियां में भारत के सिवाय और कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में भिन्न-भिन्न प्रदेशों में भौगोलिक स्थिति के अनुसार भिन्न-भिन्न प्रकार … Read more

राजस्थान के जन के देव —-बाबा रामदेव—रामसापीर Part 4

बोहिता को परचा व परचा बाबड़ी कहते हैं कि रामदेवजी ने सेठ बोहिताराज से वादा किया कि जब कभी तुम पर कोई संकट आयेगा तब मैं तुम्हारी मदद करूगां | सेठ बोहितराज ने विदेश में व्यापार अपार धन- सम्पदा अर्जित की और उसने रामदेवजी के लिये हीरों का बहुमूल्य हार भी खरीद कर अपने नोकरों … Read more

राजस्थान के जन के देव —-बाबा रामदेव—रामसापीर Part 3

दलितों-गरीबों और अल्पसंख्यकों के मसीहा—बाबा रामदेवजी पोकरण के शासक रामदेवजी ने राजा बनकर नही अपितु जनसेवक बनकर गरीबों, दलितों, असाध्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों व जरुरत मंदों की हर सम्भव से सहायता और सेवा की। दलित कन्या डाली बाई को रामदेवजी ने अपने घर बहन-बेटी की तरह रख कर पालन-पोषण भी किया था। इसीलिये 660 … Read more

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