अपने अन्दर पल रहे रावण को ही उजागर किया है बस…

क्या ही अच्छा होता लखनऊ में रामलीला कमेटी के दशहरे पर रावण दहन के प्रोग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ अखिलेश यादव , मायावती जी और अखिलेश प्रताप सिंह व अन्य विपक्षी नेता भी मंच साझा करके विजयादशमी पर्व हर्ष और उल्लास से मनाते।ऐसा करने से देश की सकारात्मक राजनीति को बल मिलता। … Read more

तामसी प्रव्रत्तियों पर सात्विक प्रव्रत्तियों की विजय का पर्व—–दशहरा—part-3

तलवार से लगे घावों को तो भरा जा सकता है किन्तु कटु-कर्कश वाणी के घावों को कभी भी नहीं भरा जा सकता है|कर्कश वाणी सिर्फ शत्रु पैदा कर सोहार्दता को समूल नष्ट करती है| काम वासना योनाचार-अनाचार की जननी है | आदमी काम वासनाओं से अपने को चरित्रहीन बना लेता है एवं अनेकों अनैतिक कार्यो … Read more

विजयादशमी:—–दूराचार-अत्याचार-अहंकार-बुराई की पराजय और सदाचार-विनम्रता-अच्छाई की विजय का पर्व—भाग-3

दशहरे का सामाजिक महत्त्व—– हमारे कृषि प्रधान देश में किसानों के लिये उसकी फसल ही उसके जीवनव्यापन का मुख्य जरिया है |जब किसान अपनी मेहनत एवं खून-पसीनें को बाह कर अपने खेत में फसल उगाकर उससे प्राप्त अनाज को घर लाता है तो उसके उल्लास और उमंग की कोई सीमा नहीं होती है, इस खुशी- … Read more

दशहरा 2016 को बनाये विशेष इन उपायों द्वारा

अधर्म पर धर्म की जीत, अन्याए पर न्याय की विजय, बुराई पर अच्छाई की जय जय कार, यही है दशहरे का त्यौहार .. दशहरे की शुभकामनायें….. हो आपकी जिंदगी में खुशियों का मेला कभी ना आए कोई झमेला सदा सुखी रहे आपका बसेरा.. मुबारक हो आपको यह शुभ दशहरा! विजयादशमी अर्थात दशहरा की धूम संपूर्ण … Read more

आतंकवाद रुपी रावण का दहन जरूरी

(11 अक्टूबर 2016 विजयदशमी पर्व पर विशेष) विजयदशमी असत्य पर सत्य की विजय, हिंसा पर अहिंसा की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान राम ने इसी दिन लंका के राजा रावण का वध किया था। तभी से अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा या विजयदशमी मनाई … Read more

भिन्न प्रान्तों में दशहरा बनाने के विभिन्न तरीके –भाग 2

मैसूर (कर्नाटक) का दशहरा कर्नाटक मेंमैसूरका दशहरापूरे भारत में प्रसिद्ध है। मैसूर में दशहरे के समय पूरे शहर की गलियों को रोशनी से सुसज्जित किया जाता है और हाथियों का शृंगार कर उनका पूरे शहर में भव्य जुलूस निकाला जाता है। इस समय प्रसिद्धमैसूर महलको दीपमालाओं से दुलहन की तरह सजाया जाता है। इसके साथ … Read more

दशहरा बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक है

त्योहार एवं मेले भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग है। हमारे यहां हर दिन कोई-ना-कोई पर्व या त्योहार होता है, उनमें न केवल भौतिक आकर्षण के पर्व है बल्कि प्रेरणा से जुड़े पर्व भी है। एक ऐसा ही अनूठा पर्व है दशहरा। भारत के लगभग सभी भागों में दशहरे का पर्व एक महान् उत्सव के रूप … Read more

तामसी प्रव्रत्तियों पर सात्विक प्रव्रत्तियों की विजय का पर्व—–दशहरा—part-2

अत: आज हम सभी अपने सच्चे मन से स्वयं से यह वादा करें कि अपने भारत को प्रगतिशील, उन्नत, सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने हेतु परस्पर स्नेह, सोहार्द, सामंजस्य स्थापित करने हेतु क्रोध, अभिमान, लालच- लोभ, मद, मोह, अहंकार, हिंसा चोरी-डकेती ,ईर्ष्या-डाह का परित्याग कर आपस में सद्भावनापूर्ण सम्बन्ध बना कर रहेगें |एक दुसरे की मदद करेगें … Read more

तामसी प्रव्रत्तियों पर सात्विक प्रव्रत्तियों की विजय का पर्व—–दशहरा—part-1

दशहरे के दिन रावण-कुंभकर्ण-मेघनाद के पुतलों का दहन करते वक्त कुछ ही पलों के लिये हमारे मन में मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपना कर सभी प्रकार दुष्कर्मों एवं तामसी प्रव्रत्तियों यानि काम,क्रोध,लोभ,मद,मोह,मत्सर,अहंकार,आलस्य,हिंसा एवं चोरी को त्यागने का विचार आता है ,किन्तु हमारी यह सात्विकता से परिपूर्ण सोच वैराग्य की … Read more

आखिरी नवरात्रा में कन्याओं का महत्व…. * बेटियाँ *

“आज आखिरी नवरात्रा माँ का… खूब धूमधाम से करने का मन था ममता का , नौ कन्याओं को न्यौता देने निकली ममता को सिर्फ चार कन्याएं ही मिल पाई मुश्किल से… अब क्या करे , कैसे उद्यापन करे गी… कुछ वर्ष पहले तक कभी ऐसी समस्या नही होती थी , पर अब कुछ वर्षों से … Read more

क्‍या भगवान श्रीराम ने की थी नवरात्रि की शुरूआत ?

नवरात्रि का पर्व विनाशकारी ,तामसी ,अनिष्टकारी, अधार्मिक एवं अमानवीय प्रव्रत्तियों पर सात्विकता,कल्याणकारी प्रव्रत्तियों, मानवीयता, धर्म एवं सत्य की विजय का पर्व है | नवरात्रा का पर् साल में दो बार यानि चैत्र और आश्विन माह में मनाया जाता है, हालाँकि चैत्र माह में मनाई जाने वाली नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है। सर्वप्रथम दुर्गा पूजा … Read more

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