सर्पधर नामक 13 वीं राशि से घबडाने की कोई आवश्‍यकता नहीं …..

परिवर्तन प्रकृति का नियम है , इसलिए कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं होता। पर परिवर्तन की एक सीमा होती है , कहीं भी किसी परिवर्तन को एकबारगी नहीं लादा जा सकता। जबतक शास्‍त्र के रूप में विकसित किए गए सिद्धांतों के आधार पर ज्‍योतिषीय गणना में बडे स्‍तर पर गडबडी न दिखे , इसमें … Read more

विभिन्न प्रान्तों में दशहरा बनाने के विभिन्न तरीके –भाग 1

सभी पर्व हमें भाई चारे, सामाजिक सोहार्द एवं सांस्कृतिक तारतम्य में अभिव्र्द्दी के साथ अपनी सभ्यता के स्वर्णिम काल एवं गोरवशाली अतीत से जुडे़ रहने का सुखद अहसास भी दिलाते हैं। त्यौहारों को मनाने के तरीके अलग अलग हो सकते हैं किन्तु उनका उद्देश्य तो आपसी मेल–जोल एवं बंधुत्व की भावना को बढ़ाना ही होता … Read more

नारी शक्ति और वेदना की अभिव्यक्ति : दूजो छैड़ो

मोहन थानवी, बीकानेर कवि- कथाकार नवनीत पांडे के दूसरे राजस्थानी उपन्यास ‘दूजो छैड़ो’ और पहले उपन्यास ‘माटी जूण’ के प्रकाशन में 14 वर्ष का लंबा अंतराल है। इस अंतराल में जमाना बदला, वहीं उपन्यासों के कलेवर भी प्रभावित हुए हैं। उपन्यासकार ने अपने इस नए उपन्यास में नए कलेवर को अलग अंदाज से पाठकों के … Read more

राजस्थानी उपन्यास गोटी

राजस्थानी उपन्यास गोटी को प्रमोदकुमार शर्मा ने आधुनिक लोकजीवन और वर्तमान परिप्रेक्ष्य के रंगों भरे कथानक से संवारा है। यूं प्रमोद शर्मा ने कविताएं और कहानियां भी रची हैं और उनकी लेखनी मानव-मन को पढ़ती हुई कथानक आगे बढ़ाती है। कविताओं को रचने में भी प्रमोद शर्मा अंतरआत्मा को बांचते हुए लगते हैं जो कि … Read more

नवरात्रों के महत्व का वैज्ञानिक आधार

पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करते समय एक साल में चार संधियां होती हैं जिनमें से मार्च व सितंबर माह में पड़ने वाली गोल संधियों में साल के दो मुख्य नवरात्र पड़ते हैं। इस समय हमारे शरीर पर रोगाणुओं के आक्रमण की सर्वाधिक संभावना होती है । ऋतु संधियों में अक्सर शारीरिक बीमारियां बढ़ती हैं। … Read more

क्यों नवरात्रा ओर अनेकों धार्मिक पर्व रात में ही मनाये जाते हैं ?

क्या हमने इस सच्चाई पर ध्यान दिया है कि क्यों प्रमुख धार्मिक पर्व यथा दीपावली, होली, शिवरात्रि, नवरात्रा आदि हमारे देश में रात में ही मनाये जाते है ? मन में सवाल उठता है कि हम शिवरात्री या नवरात्री को शिवदिन या नवदिन क्यों नहीं कहते हैं? इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि अगर रात्रि … Read more

शक्ति की देवी की आराधना का पर्व—-नवरात्रा

नवरात्रा का उत्सव समाज में महिलाओं को आदर-सम्मान देने की पुरातन परम्परा का साक्षात् प्रमाण है | ऋषि-मुनियों ने नवरात्रा की प्रथम “देवीशैलपुत्री” के जरिये हम लोगों को पहाड़ों के प्राक्रतिक स्वरूप को सुरक्षित बनाये रखने का संदेश दिया है | “देवी ब्रह्मचारिणी”के माध्यम से हमें जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए निरंतर ज्ञानार्जन … Read more

महाराजा अग्रसेनजी के 18 पुत्र—18 यज्ञ—18 गोत्र

महाराजा अग्रसेनजी के 18 पुत्र—18 यज्ञ—18 गोत्र पुत्रों के नाम यज्ञ कराने वाले ॠषियों के नाम गोत्र विभु(पुष्पदेव) गर्ग गर्ग गेंदुमल गोभिल गोयल गोधर गोतम गोयन वीर भानु वत्स बंसल मणिपाल कोशिक कंसल सिंधुपति शांडिल्य सिंघल (सिंहल) अमृतसेन मंगल(मायुच्य) मंगल सयंत्रसंघ जैमिन जिन्दल तम्बोलकर्ण ताडय तिगलं इंद्रमंत ओर्व ऐरन टावणदेव धोम्य धारण माधवसेन मुद्गल मुद्गल(मधुकुल) … Read more

युगप्रवर्तक कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन—-Part 7

मैनेजमेन्ट गुरु-महाराजा अग्रसेन महाराजा अग्रसेन ने अपने विशाल परिवार को हमेशा एकता के सूत्र मे बाधे रखा | वे एक महान मेनेजमेंट गुरु थे | महाराजा अग्रसेन ओर मातामाधवी ने अपने सभी 18 पुत्रों को श्रेष्ठतम संस्कार प्रदान किये थे | हम सभी को महाराजा अग्रसेन को अपना रोल मोडल बना कर उनका अनुसरणकरना चाहिये … Read more

देने की खुशी का सप्ताह- 2 अक्टूबर-8 अक्टूबर 2016

दान उत्सव- परोपकार की खुशी का जीवन हर वर्ष महात्मा गांधी की जन्म जयन्ती से एक सप्ताह तक दान उत्सव- यानी देने, परोपकार करने की खुशी एवं प्रसन्नता का सप्ताह मनाया जाता है। दान देने की परम्परा हमारे यहां प्राचीन काल से है, लेकिन उसको एक त्योहार एवं उत्सव की शक्ल सन् 2009 से दी … Read more

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