दुल्हन को गोद में लेकर लेते हैं फेरे

श्रीमाली समाज में आज भी कायम है यह प्रथा कृष्ण-रूकमणी के साथ जुड़ी है यह अनुठी परम्परा कृष्ण-रूकमणी विवाह से जुड़ी द्वापर युग की यह परम्परा जिसमें दुल्हा-दुल्हन को गोद में लेकर फेरे लेते हैं, श्रीमाली समाज के लोग आज भी इस अनुठी प्रथा को निभा रहे हैं । श्रीमाली समाज से जुड़े डॉ. राजेन्द्र … Read more

युगप्रवर्तक कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन—-Part 6

अग्रवालों के 18 गोत्र एवं उनका नामकरण कुलदेवी माता लक्ष्मी की कृपा से भगवान अग्रसेन के 18 पुत्र हुये। राजकुमार विभु उनमें सबसे बड़े थे। महर्षि गर्ग ने भगवान अग्रसेन को 18पुत्र के साथ 18 यज्ञ करने का संकल्पकरवाया। माना जाता है कि इन 18 यज्ञों को 18 ऋषि-मुनियों ने सम्पन्न करवाया और इन्हीं ऋषि-मुनियों … Read more

युगप्रवर्तक कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन—-Part—5

सम्राट अग्रसेन की राज्य व्यवस्था राज्य के उन्हीं 18 गणों से एक-एक प्रतिनिधि लेकर उन्होंने लोकतांत्रिक राज्य की स्थापना की, जिसका स्वरूप आज भी हमें भारतीय लोकतंत्र के रूप में दिखाई पडता है। उन्होंने परिश्रम और उद्योग से धनोपार्जन के साथ-साथ उसका समान वितरण और आय से कम खर्च करने पर बल दिया। जहां एक … Read more

युगप्रवर्तक कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन —-पार्ट–3

अग्रोहा शहर का जन्म: देवी महालक्ष्मी से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद राजा अग्रसेन ने नए राज्य की स्थापना हेतु रानी माधवी के साथ भारत का भ्रमण किया, अपनी यात्रा के दौरान वे एक जगह रुके जहाँ उन्होंने देखा कि कुछ शेर और भेडीये के बच्चे साथ-साथ खेल रहे थे | राजा अग्रसेन ने रानी … Read more

अहिसां के पुजारी : यज्ञों मे पशु बली को बंद करवाने वाले प्रथम सम्राट —Part-4

कुलदेवी माता लक्ष्मी की कृपा से भगवान अग्रसेन के 18 पुत्र हुये। राजकुमार विभु उनमें सबसे बड़े थे। महर्षि गर्ग ने भगवान अग्रसेन को 18 पुत्र केसाथ 18 यज्ञ करने का संकल्प करवाया। माना जाता है कि इन 18 यज्ञों को 18 ऋषि-मुनियों ने सम्पन्न करवाया और इन्हीं ऋषि-मुनियों के नामपर ही अग्रवंश के गोत्रों … Read more

लता मंगेशकर : अद्भुत, अकल्पित हैै स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी

वो ब्रह्म है। कोई उससे बड़ा नहीं। वो प्रथम सत्य है और वही अंतिम सत्ता भी। वो स्वर है, ईश्वर है, ये केवल संगीत की किताबों में लिखी जाने वाली उक्ति नहीं, ये संगीत का सार है और इसी संगीत एवं स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी है लता मंगेशकर। गीत, संगीत, गायन और आवाज की जादूगरी की … Read more

कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन –पार्ट–2

विवाह: युवा अग्रसेन ने सर्पों के राजा नागराज की सुपत्री राजकुमारी माधवी के स्वयंवर में अनेकों राजाओं, राजकुमारों और स्वर्ग के सम्राट इंद्रदेव के साथ भाग लिया था | इंद्र देवता राजकुमारी माधवी की सुंदरता पर मोहित थे एवं एन कैन प्रकारेण राजकुमारी माधवी से विवाह करना चाहते थे | स्वयंवर में राजकुमारी माधवी ने … Read more

युगप्रवर्तक कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन

समाज और राष्ट्र को विकसित बनाने के लिये उसके आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्तम्भ मजबूत होने चाहिये | इन चारों स्तंभोंको दृढ़ करके ही राष्ट्र को प्रगतिशील एवं विकसित देश बनाया जा सकता है | महाराजा अग्रसेनजी ने इन्हीं चार स्तंभों को मजबूत कर समर्द्धशाली,कल्याणकारी एवं शक्तिशाली राज्य का निर्माण किया था | महाराजा … Read more

एकात्म मानव दर्शन दिखाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय

(पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 100 वीं जन्म जयंती 25 सितंबर 2016 पर विशेष आलेख) भारत की पावन भूमि पर समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है। जिन्होंने समय-समय पर भारत को दिशा दी है। भारत जैसी पावन भूमि पर 25 सितम्बर 1916 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरुष ने जन्म लिया जो कि एक … Read more

बनाईये अपने बुढ़ापे को जिन्दगी का गोल्डन पिरीयड –पार्ट 5

नवीन सर्वों के अनुसार वृद्धावस्था में जिनके पारिवारिक संबंध मजबूत एवं मधुर होते हैं उन लोगों के दीर्घायु होने की सम्भावना अपेक्षाकृत ज्यादा होती है वनिस्पत उन लोगों से जिनके पारिवारिकमें लोगों से जिनके परिवारों में कलह और तनाव का माहोल होता है | येलयूनिवर्सिटी में किये गये शोध में मालूम हुआ कि ढलती उम्र … Read more

बनाईये अपने बुढ़ापे को जिन्दगी का गोल्डन पिरीयड –पार्ट 6

ओसवाल्ड, A और ब्लान्च्फलोवेर, D के लेख ‘Is Well-Being U-shaped over the life cycle?’ Social Science and Medicine 66 (6), 1, 733-49 जो 2008 में प्रकाशित हुआ था के के अनुसार विभिन्न आयु वर्ग के स्त्री पुरुषों पर किये गये शोध एवं सर्वे से मालूम हुआ है कि 20 वर्ष की आयु तक खुशी का … Read more

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