वास्तु अनुसार शौचालय/ टाइलेट कहाँ बनवाएं

आज कल निर्माण हो रहे अधिकांश घरों में स्थानाभाव, शहरी संस्कृति, शास्त्रों के अल्प ज्ञान के कारण अधिकतर शौचालय और स्नानघर एक साथ बने होते है लेकिन यह सही नहीं है इससे घर में वास्तुदोष होता है।। हम सभी जानते हैं की किसी भी मकान या भवन में शौचालय और स्नानघर अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता … Read more

जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए मानसून पूर्व लाये जन चेतना

मानव जाति बहुत बुद्धिमान है, लेकिन इस मानव जाति ने अपनी बुद्धिमता का उपयोग अपने स्वार्थ को ध्यान में रखते हुए बिना कुछ सोचे प्रकति प्रदत्त वस्तुओं का पृथ्वी पर किसी भी अन्य प्रजाति से अधिक विनाश मचाया है। वैज्ञानिकों को पता चला है कि धरती का वर्तमान तापमान जितना है, उतना पिछले 11,300 सालों … Read more

कुलधरा,खाभा अवशेषों के साथ ही गुम हो जाएंगे

पशिचमी सरहदी जेैसलमेर जिले का वैभवाली इतिहास इसकी कहानी खुद कहता हैं।जैसलमेर जिले के प्राचीन ,समृद्धाली,विकसित और वैभवाली इतिहास के साथ पालीवालों कें 84 गांवों की दर्दनाक किंदवन्तिया भी जुडी हैं।जैसलमेर जिला मुख्यालय सें 18 से 35 किलो मीटर के दायरे में पालीवालों कें वीरान और उजडे 84 गांवों की दास्तान आम आदमी कें रोंगटे … Read more

जानिए पुष्यामृत योग, पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, लाभ और प्रभाव

भारतीय ज्योतिष और संस्कृति में संतुष्टि एवम् पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का वारों में श्रेष्ट बृहस्पतिवार (गुरुवार ) से योग होने पर यह अति दुर्लभ ” गुरुपुष्यामृत योग’ कहलाता है । ‘ सर्वसिद्धिकरः पुष्यः । ‘ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है ।। शुभ, मांगलिक कर्मों के संपादनार्थ गुरुपुष्यामृत योग वरदान सिद्ध होता है … Read more

नेहरूजी को 52 वर्षो पूर्व 21वर्षीय युवा के द्वारा समर्पित किये गये श्रद्दा सुमन

52 वर्षों पूर्व 27 मई 1964 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री एवं नेहरु चाचा के आकस्मिक निधन से सभी भारतीय शोकाकुल हो गये थे | उस समय मैं मात्र २१ वर्ष का था एवं राजकीय महाविद्यालय अजमेर में स्नाकोतर (पूर्वाद्ध ) रसायनशास्त्र का विध्यार्थी था | 27 मई के दिन मैं अपने ग्रह नगर ब्यावर … Read more

नेहरु जी को 52वीं पूण्यतिथि पर उनके योगदान को याद कर उनको श्रद्धा सुमन ( भाग 2)

उच्च तकनीकी शिक्षा के लिये—-आईआईटी स्थापित किये गये। इसी तरह,प्रबंधन के गुर सिखाने केलिए आईआईएम खोले गए। इन उच्चकोटि के संस्थानों के साथ-साथ संपूर्ण देश के पचासों छोटे-बड़े शहरों में इंजीनियरिंग कालेज व देशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिये मेडिकल कालेज स्थापित किये गये। वैज्ञानिक सोच रखने के साथ नेहरूजी प्रगति के प्रेरणा … Read more

नेहरूजी के जीवन के कुछ अनसुने प्रेरक प्रसंग

बात उस समय की है जब जवाहर लाल नेहरू किशोर अवस्था के थे। पिता मोतीलाल नेहरू उन दिनों अंग्रेजों से भारत को आज़ाद कराने की मुहिम में शामिल थे। इसका असर बालक जवाहर पर भी पड़ा। मोतीलाल ने पिंजरे में तोता पाल रखा था। एक दिन जवाहर ने तोते को पिंजरे से आज़ाद कर दिया। … Read more

नेहरु जी को 52वीं पूण्यतिथि पर उनके योगदान को याद कर उनको श्रद्धा सुमन (भाग1)

स्वतंत्रता-संग्राम के आंदोलनों में अनेक बार जेल यातनाओं को सहते हुए नेहरू को अपार लोकप्रियता एवं देशवासियों का प्यार मिला | जनता ने उनकी खुशमिजाजी और बदमिजाजी को समान रूप से सहेजा|जब उन्होंने नाराज होकर तकिये फेंके तब भी और जब उन्होंने फूल-मालाएं फेंकी तब भी | युवा उनके जैसे वस्त्र पहनने लगे,उनकी तरह बोलने … Read more

वीर गोगाजी

गोगाजी का जन्म विक्रम संवत 1003 (950 AD के आस पास) में चुरू जिले के ददरेवा गाँव (राजस्थान) में हुआ था । वे राजा जेवर सिंह और रानी बाछल की इकलोती संतान थे उनके राज्य का नाम बागड़ था और उस का विस्तार हांसी (हरियाणा) तक था। रानी बाछल की कोई संतान नही थी उन्होंने … Read more

आद्य संवाददाता – देवर्षि नारद

ब्रह्माण्ड की निर्मिति एवं मनुष्य के सृजन के साथ ही संदेश पाने की अभिलाषा, सब कुछ जानने की जिज्ञासा मानव मन की रही है और इसलिए व्यक्ति एवं समाज के ठीक दिशा में विकास के लिए सत्य जानकारियों के संकलन, सम्पादन एवं संप्रेषण का महत्व में रहा है। विश्व में सर्वप्रथम यदि संवाद प्रश्न की … Read more

गणि राजेन्द्र विजय: रोशनी जिनके साथ चलती है

गणि राजेन्द्र विजय के 43वें जन्म दिवस पर 19 मई, 2016 को विशेष -ललित गर्ग – देशभर में अनेक स्वस्थ समाज निर्माण के अभियान चले और चलते हैं। और हर अभियान के समकक्ष या नकल के रूप में नाम बदलकर भी अभियान चलाए गये। पर सुखी परिवार अभियान, जो स्वस्थ पारिवारिक मूल्यों एवं नैतिक मूल्यों … Read more

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