दलितों के मसीहा भारतीय गणतंत्र के संविधान के शिल्पकार डॉक्टर अम्बेडकर part 7
गांधीजी का मानना था कि धर्म और जाति के आधार पर पृथक निर्वाचिका हिंदू समाज कीभावी पीढ़ी को हमेशा- हमेशा के लिये विभाजित कर देगी। किन्तु 1932 मे जब अग्रेंजों ने अम्बेडकर केसाथ सहमति व्यक्त करते हुये अछूतों के लिए पृथक निर्वाचिका देने की घोषणा कर दी तबगांधी ने इसके विरोध मे पुणे की यरवदा … Read more