ऽ जिले के फतेहपुर-भिलोनी-मडियादौ सडक निर्माण का मामला
ऽ 20 माह की अवधि 18 माह में 40 प्रतिशत हुआ कार्य
डॉ एल.एन.वैष्णव
दमोह/11 दिसम्बर 2017 / सडक निर्माण कार्य की गति तथा अनियमितता को लेकर क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने निर्माण कार्य में लगी कंपनी की कार्यप्रणाली पर जहां प्रश्न चिन्ह अंकित किये तो वहीं भारत सरकार के केन्द्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिख ठेकेदार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के साथ ही उसको ब्लेक लिस्ट करने की मांग की है। विदित हो कि दमोह जिले में केंद्रीय सड़क निधि से “फतेहपुर-भिलौनी-मड़ियादो मार्ग“, लम्बाई 19.40 कि.मी. का उन्नयन एवं चैड़ीकरण (सीमेंट कांक्रीट) कार्य हेतु भारत सरकार परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र क्र. आर.डब्ल्यू./एन.एच./2027/53/2015/ सी.आर.एफ./एन.एच.-5/, दिनांक 28.10.2015 द्वारा राशि रू. 31.04 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कार्य की निविदा आमंत्रित कर आयटम रेट 18.77 प्रतिशत कम पर निविदाकार मेसर्स अर्जुन निर्माण इन्फ्रास्ट््रक्चर प्रा.लि. दमोह, म0प्र0 से अनुबंध उपरांत दिनांक 5.3.2016 को निविदत्त राशि 27.05 करोड़ का कार्यादेश जारी किया गया। अनुबंधानुसार इस कार्य को 20 माह अर्थात दिनांक 4.11.2017 को पूर्ण करना था।
20 माह की अवधि,18 माह में 40 प्रतिशत कार्य –
उक्त सडक निर्माण का कार्य कछुआ गति से चल रहा है जिसके कारण क्षेत्र के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि उक्त कार्य के संबंध में कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स) दमोह, म0प्र0 द्वारा अवगत कराया गया है कि मार्ग पर स्वीकृत प्राॅक्कलन अनुसार 5.50 मीटर चैड़ाई में सी.सी. एवं 41 नग पुलियों (बाक्स कल्वर्ट एवं ह्यूम पाईप) का निर्माण कार्य स्वीकृत है। वर्तमान में मार्ग पर 41 नग पुलियाॅ, 16.40 कि.मी. अर्थवर्क, 8.00 कि.मी. सी.आर.एम., 8.00 कि.मी. डी.एल.सी. (एक तरफ) एवं 5.00 कि.मी. पी.क्यू.सी. (एक तरफ) कार्य किया गया है, जिन पर अभी तक राशि रू. 12.63 करोड़ का भुगतान कर व्यय हुआ है। पत्र में निर्माण की गति पर प्रश्नचिंह अंकित करते हुये सांसद प्रहलाद सिंह ने पत्र में कहा है कि शेष लगभग 60 प्रतिशत कार्य अभी भी अपूर्ण है व कार्य विगत लम्बी अवधि से बंद है। विगत डेढ़ वर्ष की अवधि में मात्र 40 प्रतिशत कार्य किया गया है, जबकि भुगतान 12.63 करोड़ व्यय किया जा चुका है। कार्य करने की अंतिम तिथि 4.11.2017 थी जो समाप्त हो चुकी है व अब ठेकेदार द्वारा दिनांक 30.6.2018 तक कार्य पूर्ण करने हेतु अतिरिक्त समयवृद्धि चाही है, जो कि इनका पिछले डेढ़ वर्ष की समयावधि में 40 प्रतिशत कार्य का रिकार्ड को देखा जाए तो शेष 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण करना संभव नहीं लगता है।
अधूरा कार्य, प्राकलन में संसोधन, आर्थिक क्षति-
उक्त सडक निर्माण को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुये सांसद श्री पटेल ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी को लिखे पत्र में कहा है कि मुझे यह भी शिकायत प्राप्त हुई है कि फतेहपुर-भिलौनी- मड़ियादो मार्ग पर साइड सर्पोटिंग वाल का निर्माण जो कि बहुत कम लम्बाई में कराया जाना स्वीकृत था परन्तु इनके द्वारा लगभग 800 मी. लम्बाई में मनमाने तरीके से निर्माण करा दिया गया है, जबकि इसका करोड़ों का भुगतान विभाग से ले लिया गया है। इसी प्रकार प्राॅक्कलन में पुल-पुलियों की जो लागत स्वीकृत थी, उसमें संशोधन कराते हुए अत्यधिक वृद्धि कराकर शासन को वित्तीय हानि पहुॅचाई गई है। विश्वस्त सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ है कि निविदत्त राशि 27.05 करोड़ को प्रशासकीय स्वीकृत राशि 31.04 करोड़ के समतुल्य व्यय करने का षडयंत्रपूर्वक कार्यवाही भी की जा रही है तथा पुनरीक्षित प्राक्कलन शासन को स्वीकृति हेतु भेजा गया है।
सांसद श्री पटेल ने पत्र में कहा है कि अभी तक किए गए विषयांकित कार्य की गुणवत्ता की भी प्रायः मुझे शिकायतें मिल रही है। मेसर्स अर्जुन निर्माण इन्फ्रास्ट््रक्चर प्रा.लि., दमोह द्वारा जिले में नाबार्ड योजना अंतर्गत हथनी से झापन मार्ग एवं माला पौंडी मार्ग आदि मार्गों का निर्माण भी किया गया था, जिसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगे है व प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग द्वारा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी बद्रीप्रसाद खरे व उपयंत्री दिनेश कुमार जैन को मार्च 2015 में निलंबित किया गया था व विभागीय जाॅंच प्रचलन में है। माला पौंडी मार्ग के निर्माण में भी अत्यधिक शिकायतें हुई जिसमें विशेषकर हार्ड राॅक स्वीकृत नहीं था, परंतु वरिष्ठ अधिकारियों को अंधेरे में रखकर बाद में हार्ड राॅक को स्वीकृत कराकर करोड़ों का फर्जी भुगतान लिया गया।
सख्त कार्यवाही, ब्लेक लिस्ट करने मांग-
सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गढकरी को लिखे पत्र में कार्यवाही की मांग करते हुये कहा है कि मेरे संसदीय क्षेत्र में केंद्रीय सड़क निधि से भारत सरकार द्वारा स्वीकृत “फतेहपुर-भिलौनी-मड़ियादो मार्ग“ पहला कार्य था, जिसे कंपनी द्वारा जानबूझकर कार्य में विलम्ब किया गया है व किए गए कार्य के विरूद्ध अधिक राशि का भुगतान प्राप्त किया गया है। इस स्थिति में मेरा यह निवेदन है कि ठेकेदार के उपरोक्त उल्लेखित रिकार्ड व स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए इनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए कार्य की समय-सीमा न बढ़ायी जाय व पंजीयन निलंबित कर ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जाय।