रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने रणनीतिक निवेश और साझेदारी की घोषणा की

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने डेन नेटवर्क्स लिमिटेड और हैथवे केबल और डाटाकॉम लिमिटेड में रणनीतिक निवेश और साझेदारी की घोषणा की
1100 शहरों के 5 करोड़ घरों में JioGigaFiber रोलआउट में तेजी लाने के लिए हुआ सौदा
ग्राहकों, लोकल केबल ऑपरेटरों, कंटेंट प्रोड्यूसर और कंपनियों के लिए वरदान

मुंबई, 17 अक्टूबर 2018: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (“RIL”) ने आज निम्नलिखित रणनीतिक निवेशों की घोषणा की:
डेन नेटवर्क्स लिमिटेड (“डेन”) में निवेश
सेबी के नियमों के तहत प्रीफ्रेंशियल ईशु के माध्यम से 2,045 करोड़ रुपये का प्राइमरी निवेश, साथ ही डेन नेटवर्क्स लिमिटेड (“डेन”) में 66% हिस्सेदारी के लिए मौजूदा प्रमोटरों से 245 करोड़ में सेकेंडरी खरीद।

हैथवे केबल और डाटाकॉम लिमिटेड (“हैथवे”) में निवेश
हैथवे केबल और डाटाकॉम लिमिटेड (“हैथवे”) में 51.3% हिस्सेदारी के लिए सेबी के नियमों के तहत प्रीफ्रेंशियल ईशु के माध्यम से 2,940 करोड़ रुपये का प्राइमरी निवेश।

आरआईएल, सेबी अधिग्रहण विनियमों के तहत आवश्यकतानुसार डेन और हैथवे के साथ-साथ निम्नलिखित कंपनियों के लिए भी ओपन ऑफर लाएगा:

(A) जीटीपीएल हैथवे लिमिटेड (37.3% हिस्सेदारी के साथ संयुक्त रूप से हैथवे द्वारा नियंत्रित कंपनी)

(B) हैथवे भवानी केबलटेल और डाटाकॉम लिमिटेड, हैथवे की सब्सिडरी कंपनी

रिलायंस को भारत के सम्मानित व्यावसायिक घरानों में से एक राजन रहेजा समूह और पहली पीढ़ी के उद्यमी श्री समीर मनचंदा, जिन्होंने अपने व्यवसाय कौशल और दृढ़ता से मजबूत व्यवसाय खड़ा किया है, के साथ साझेदारी पर गर्व है।
रिलायंस, संबंधित कंपनियों की प्रबंधन टीमों का सम्मान करता है और व्यापार संचालन को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करेगा।
यह रणनीतिक निवेश रिलायंस के उस मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर किसी को, जोड़ने लायक हर वस्तु को और हर स्थान को कनेक्ट करना, साथ ही उच्चतम गुणवत्ता और किफायती मूल्य पर भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलना। मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पेस में भारत को शीर्ष स्थान पर ले जाने के बाद, रिलायंस अब वायरलाइन डिजिटल कनेक्टिविटी में भारत को 135 वें स्थान से दुनिया के शीर्ष 3 देशों में शामिल कराने को प्रतिबद्ध है।
यह निवेश और साझेदारी लोकल केबल ऑपरेटरों (“एलसीओ”), उपभोक्ताओं, कंटेंट प्रोवाइडरस् और ओवरऑल ईको-सिस्टम के लिए वरदान साबित होगा।
लोकल केबल ऑपरेटर: पिछले 25 वर्षों के दौरान भारत में बेसिक कोक्सियल केबल प्रौद्योगिकी के माध्यम से लगभग 17 .5 करोड़ घरों को जोड़ा गया है। यह सैकड़ों, हजारों लोकल केबल ऑपरेटरों (LOC) के प्रयासों से ही संभव हो पाया, जो हमारे देश के हर गली-मोहल्ले में काम करते हैं। हालांकि, डायरेक्ट-टू-होम (“डीटीएच”) जैसी वैकल्पिक तकनीकों के आने के बाद से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और इस वजह से लोकल केबल ऑपरेटर बाजार में अपनी हिस्सेदारी लगातार खो रहे हैं। वास्तव में, डीटीएच ऑपरेटरों ने केबल ऑपरेटरों से 6 करोड़ से अधिक ग्राहक (घर-कनेक्शन) छीन लिए हैं। इस प्रवृत्ति के कारण, एलसीओ बिजनेस मॉडल और एमएसओ दोनों दबाव में हैं।
इस सौदे से रिलायंस और जियो 27,000 एलसीओ को मजबूत करेंगे जो डेन और हैथवे के साथ जुड़े हैं ताकि वे भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में भाग ले सकें। एलसीओ निम्न माध्यमों से सक्षम बनेंगे

(ए) बेहतर बैक-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच;

(बी) कंटेंट प्रोड्यूसरस् के साथ समझौते;

(सी) व्यावसायिक क्षमताओं में सुधार और ग्राहक अनुभव प्रदान करने के लिए नवीनतम व्यापार प्लेटफार्मों तक पहुंच; तथा

(डी) ग्राहकों को जोड़ने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश। एलसीओ जो भी करते हैं वह करना जारी रखेंगे। स्थानीय लोगों के अनुकूल और अल्ट्रा-फास्ट ग्राहक सेवाएं प्रदान करते रहेंगे। यह एलसीओ के लिए कई भविष्य के अवसर पैदा करेगा क्योंकि जियो ने कई नई सेवाओं और प्लेटफॉर्म को रोल-आउट कर रहा है ।

ग्राहक: विकसित देशों में जिन घरों में टीवी है, वहां 95% से अधिक घरों में फिक्सड लाइन ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन भी है।और इन देशों में फिक्सड लाइन कनेक्टिविटी – फाइबर ऑप्टिक्स पर आधारित है। रिलायंस हर भारतीय घर के लिए समान आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। और इसके लिए रिलायंस बड़े और उद्यमी एलसीओ, कटेंट प्रोड्यूसर और ब्रॉडकास्टर सहित ईको-सिस्टम में सभी प्रतिभागियों के साथ काम कर रहा है।

Jio 1,100 भारतीय शहरों और कस्बों में 5 करोड़ से अधिक घरों में JioGigaFiber लाएगा। और वो भी कम से कम समय में । JioGigaFiber की पेशकश:

A) बड़े स्क्रीन टीवी पर अल्ट्रा हाई डेफिनिशन एंटरटेनमेंट

B) घरों से मल्टी पार्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

C) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वॉयस-एक्टिवेटिड वर्चुअल असिस्टेंट्स जो ग्राहक के हर कमांड का पालन करेगी

D) वर्चुअल रियलिटी गेमिंग और डिजिटल शॉपिंग

E) स्मार्ट-होम सॉल्यूशंस, सैकड़ों डिवाइस जैसे सुरक्षा कैमरे, घरेलू उपकरण, यहां तक कि घर की लाइट और स्विचों को घरों के अंदर और बाहर दोनों जगह से नियंत्रित किया जा सकता है

F) फिक्सड लाइन और मोबईल सेवाओं कनवरजेंस -इंटीग्रेटिड नेटवर्क पर एंड-टू-एंड सेवाओं की पेशकश। भारत में उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम सेवाओं तक पहुंच मिलेगी

कंटेंट प्रोवाइडर
इस निवेश और डिजिटल ईको-सिस्टम के बनने से कंटेंट से जुड़े लोगों की कमाई बढ़ेगी। ख़ासतौर पर कंटेंट प्रोड्यूसरों और ब्रॉडकास्टरों के काम को बढ़ावा मिलेगा।

ईको-सिस्टम
ये निवेश “डिजिटल इंडिया” की ओर एक और प्रभावी क़दम होगा। रिलायंस वे सारे नियामक एंव वैधानिक कदम उठाने को तत्पर है जिससे इस क्षेत्र के व्यवस्थित विकास में मदद मिले।
जियो ने देश के 1100 शहरों के 5 करोड़ घरों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। हैथवे, डेन और लोकल केबल ऑपरेटरों को जियो गीगा फ़ाइबर और जियो स्मार्ट होम सोल्यूशंस पर अपग्रेड करने का काम जारी है। इसका सीधा फ़ायदा 750 शहरों के 2 करोड़ चालीस लाख घरों को मिलेगा। इससे जियो 5 करोड़ घरों को जियो गीगा फ़ाइबर से जोड़ने का अपना लक्ष्य भी जल्दी पूरा कर सकेगा।
श्री मुकेश डी अंबानी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आरआईएल ने कहा कि, “हम एमएसओ उद्योग के दो अग्रणियों श्री राजन रहेजा और श्री समीर मनचंदा के साथ साझेदारी से खुश हैं। डेन और हैथवे में हमारा निवेश एलसीओ, ग्राहकों, कंटेंट प्रोड्यूसर और पूरे ईको-सिस्टम के लिए वरदान साबित होगा।
लोकल केबल ऑपरेटर अब जियो के ईको-सिस्टम का हिस्सा होंगे और उनके साथ मिल कर हम जियो के उन्नत जियोगीगा फाइबर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस को तेजी से, अधिक से अधिक भारतीय घरों में लाने के लिए तैयार हैं। हम इस साझेदारी का हिस्सा बनने के लिए अन्य एमएसओ और एलसीओ का स्वागत करते हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत में वायरलाइन डेटा कनेक्टिविटी बढ़ेगी और कम से कम समय में सबसे बड़ी आबादी के लिए अत्याधुनिक हाई-स्पीड, किफायती इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।”
सौदे के बारे में और अधिक जानकारी आरआईएल द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दिए गए पब्लिक एनाउंसमेंट में शामिल है। लेनदेन पारंपरिक रेगुलेशन और अन्य अप्रोवलों के अधीन हैं।
इस लेनदेन में जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स, खेतान एंड कंपनी, सिरिल अमरचंद मंगलदास, एजेडबी पार्टनर्स और अर्न्स्ट एंड यंग ने आरआईएल के सलाहकार थे।

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