पायलट ने किया परमानी पर पलट वार

राज्य में हरित क्रान्ति की जन्मदाता कांग्रेस
भाजपा बताए अपनी चार साल की उपलब्धि

unnamed (1)बारां 03 अक्टूबर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के उस बयान पर पलटवार करते हुए कहा जिसमें परनामी ने पायलट की किसान न्याय यात्रा को राजनीति प्रेरित बताते हुए पायलट से तीन सवाल पूछे। शहर के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश भर के प्रमुख इलेक्ट्रोनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि वह परनामी के तीनों सवालों का जवाब काफी शालीनता व आदर के साथ देते हुए स्वयं परनामी से ही पूछ रहे है कि कांग्रेस ने 53 साल में किसानों के लिए जो किया है वह सभी के सामने है। प्रदेश में हरित क्रंाति, पंचायतराज की स्थापना के साथ-साथ गांव-गांव में बिजली, प्रदेश को देश में प्रमुख बिजली उत्पादक केंद्र बनाना, खेतों तक सिंचाई के लिए पानी व बिजली पहुंचाकर उत्पादन को कई गुना बढाते हुए किसान को स्वाभिमान से खडा किया। पायलट ने कहा कि जहां तक परनामी का प्रश्न है कि कांग्रेस शासन में फसल खराबा 35 प्रतिशत पर था जो अब 50 प्रतिशत कर दिया तो पायलट ने परनामी से ही पूछा कि चार साल में जितने भी किसानों की फसल बर्बाद हुई है उसमें आज भी प्रदेश का दस लाख किसान मुआवजे की कतार में खडा हुआ है। कितने किसानों को मुआवजा दिया। कांग्रेस शासन में 33 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत खराबा आंका जाता था, भाजपा के शासन में 50 के स्थान पर 12 प्रतिशत खराबा आंका जा रहा है जो सीधे किसानों के साथ छल एवं कपट है। तीसरे प्रश्न के जवाब में उन्होनें कहा कि कांग्रेस शासन में फसल बीमा के नाम पर जो प्रीमियम जमा करवाया जा रहा था। उसकी राशि अधिक थी, वर्तमान सरकार के शासन में जो प्रीमियम जमा करवाया जा रहा है वह काफी कम है। उन्होनें बताया कि यह सरकार के कोरे आंकडे है, सरकार बताए प्रदेश में कितने किसानों को पिछले चार साल में फसल बीमा का लाभ दिया गया है। फसल बीमा के नाम पर किसानों से बीमा कम्पनियों द्वारा लूट की जा रही है जिसका खुलासा कांग्र्रेस शासनकाल में हुआ था और कांग्रेस मुख्यमंत्री ने बीमा कम्पनियों की नाक में नकेल डालकर उनसे किसानों की लूट को बंद करवाया था।
यह भी पायलट, डूडी और भाया ने- पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हएु प्रमोद जैन भाया ने कहा कि जिस प्रकार से प्रदेश का किसान वर्तमान मे दयनीय हालात में है, सरकार को उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र की तर्ज पर राजस्थान में भी किसानों का कर्जा माफ करना पडेगा। किसानों के हक में कांग्रेस लडेगी और किसानों को अपनी कृषि उत्पादन का मुनाफा जोडकर लागत मूल्य दिलाने के लिए पूरा संघर्ष करेगी। पायलट ने कहा कि कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करवाकर रहेगी। उन्होनें कहा कि दो दिन पूर्व न्यायिक यात्रा से घबरा कर सरकार ने किसानों के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया लेकिन उस कमेटी में ना तो कोई किसान है ना ही कोई राजनीति प्रतिनिधि है। सत्ता से जुडे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की एक कमेटी बनाकर एक माह में रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। पायलट ने आंशका व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार चुनाव आते आते किसानों का कर्जा माफ करेगी लेकिन कांग्रेस के संघर्ष के दबाव में ही यह सब होगा। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चैपट है। लूट, हत्या, डकैती चरम पर है। व्यापारी सुरक्षित नही है। राज्य की सीमा पर रंगदारी की घटनाएं बढ रही है। नाबालिक से गैंगरेप होता है। असहाय गृह मंत्री कहते है कि सरकार हर घर पर पुलिस का पहरा नही बिठा सकती। बारां राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा के हालात इस कदर दयनीय है कि 35 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत है लेकिन 12 कार्यरत है। और तो और प्राचार्य भी कार्यवाहक है। दवा के अभाव में राज्य में विधायक की मौत होती है, सरकार आंखे मूंदे हुए है। तीनों नेताओं ने दावा करते हुए कहा कि 2018 के चुनाव में राज्य में जनता के व्यापक समर्थन को देखते हुए कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, प्रतिपक्ष उप नेता रमेश मीणा, प्रतापसिंह खाचरियावास, प्रदेश प्रवक्ता अर्चना शर्मा, श्रीमती उर्मिला जैन भाया, पंकज मेहता भी उपस्थित रहे।

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