‘श्री मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान’ लाल मादड़ी के माधव नागदा को

14 सितम्बर को वार्षिकोत्सव के अवसर पर श्रीडूंगरगढ में किया जाएगा अलंकृत
श्रीडूंगरगढ । भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय अवदान के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘श्री मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान’ की घोषणा राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति के अध्यक्ष श्याम महर्षि द्वारा आज कर दी गई । इस बार यह सम्मान लाल मादड़ी के माधव नागदा को अर्पित किया जाएगा । महर्षि ने बताया कि सम्मान हेतु विगत 20 वर्षो के सम्बन्धित क्षेत्र के योगदान को आधार के रूप में रखा जाता है ।
संस्था के मंत्री बजरंग शर्मा ने बताया कि देश भर में चर्चित यह सम्मान 14 सितम्बर को संस्था के वार्षिकोत्सव के अवसर पर श्रीडूंगरगढ में नागदा को अर्पित किया जाएगा । नागदा से पूर्व राजेन्द्र यादव, से.रा.यात्री, विष्णु प्रभाकर, हरीश भादानी, यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’, पंकज बिष्ट और प्रखर युवा समालोचक पल्लव सहित 50 से अधिक विद्वान मनीषियों को संस्था की सर्वाच्च मानद् उपाधि से अलंकृत किया जा चुका है ।
संयुक्त मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि हिन्दी व राजस्थानी दोनों भाषाओं में समान अधिकार से कहानी, लघुकथा, कविता, डायरी व समालोचना विधा में सृजन करने वाले और उसका दर्द, शापमुक्ति, अकाल और खुशबू, परिणति तथा अन्य कहानियाँ (कहानी संग्रह), फिर कभी बतलायेंगे (डायरी), उजास (राजस्थानी कहानी संग्रह), सोनेरी पांखां वाळी तितळयिँ (राजस्थानी डायरी), मैं शब्दों का कुम्भकार (कविता संग्रह), आग , अपना अपना आकाश (लघुकथा संग्रह) के लिए चर्चित माधव नागदा को सम्मान स्वरूप ग्यारह हजार रूपये नगद राशि के साथ ‘साहित्यश्री’ सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न, शॉल अर्पित किए जायेंगे । राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, राजस्थानी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर एवं राजस्थान पत्रिका सृजनात्मक पुरस्कार सहित कई पुरस्कार-सम्मान से नवाजे जा चुके नागदा की कई कृतियां मराठी, अँग्रेजी व सिन्धी में भी अनूदित हो चुकी है ।

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