अजमेेर में 1984 के बाद शुुरू हुआ जातिवाद का दौर
राजनीति का प्रमुख कारक जातिवाद अजमेर संसदीय क्षेत्र में 1984 तक अपना खास असर नहीं डाल पाया था। अत्यल्प जातीय आधार के बावजूद यहां से मुकुट बिहारी लाल भार्गव तीन बार, विश्वेश्वर नाथ भार्गव दो बार व श्रीकरण शारदा एक बार जीत चुके हैं। आचार्य भगवान देव की जीत में सिंधी समुदाय और विष्णु मोदी … Read more