झूट फरेफ़ पर सत्य अधर्म पर धर्म एवं अहंकार पर करुणा की विजय का पर्व दशहरा
रावण समस्त वेदों एवं वेदान्त का ज्ञाता और अत्याधिक बलशाली सम्राट सोने की लंका का स्वामी था | रावण क्रोधी और अहंकारी शासक होते हुए भी महान महान शिव भक्त था जिसे देवों के देव महादेव ने अनेको वरदानदिए थे | रावण खुद को भगवान विष्णु का दुश्मन मानता था | रावण के पिता विश्रवा … Read more