दुष्कर्मियों के परिजनों की पुकार, सबको चढ़ा दो फांसी पर
जब हैवानियत हद को पार कर जाए तो अपने भी हिमायत करने के बजाए हिकारत की नजर से देखते हैं। जब रावण घर में पैदा हो तो अपने हों या पराए सभी उसे काल के गाल में ही भेजना चाहते हैं। दिल्ली में चलती बस में 16 दिसंबर को हुए गैंगरेप से उमड़ा गम के … Read more