बेमिसाल डॉक्टर एन. सी. मलिक के कुछ और दिलचस्प प्रसंग

मैं हूं अजमेर के हृदयस्थल नया बाजार की गोल प्याऊ। हर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक हलचल के केन्द्र इस बाजार में होने वाली हताई, सुगबुगाहट व गप्पबाजी की गवाह। गर कहें कि यही नब्ज है अजमेर की तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। शहर में पत्ता भी हिले तो उसकी खबर यहां पहुचंती है। सियासी गणित … Read more

क्या होगा धर्मेन्द्र गहलोत का भविष्य?

अजमेर नगर निगम के दो बार महापौर रह चुके धर्मेन्द्र गहलोत का राजनीतिक भविष्य क्या होगा, यह सवाल सियासी हलकों में भ्रमण कर रहा है। ऐसा इसलिए कि भाजपा में वे गिनती के उन नेताओं में शुमार है, जो ऊर्जावान माने जाते हैं। दो बार महापौर रह लेना कोई कम बात नहीं है। हालांकि इस … Read more

आजादी से पहले व बाद में अजमेर नगर निकाय के ये रहे अध्यक्ष

हाल ही अजमेर नगर निगम के बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। अब नए चुनाव होंगे। संभवत: अक्टूबर के बाद। कोरोना महामारी के कारण। प्रसंगवश अजमेर के सुधि पाठकों की जानकारी के लिए आजादी से पहले और बाद में अजमेर नगर निकाय के कौन व कब अध्यक्ष रहे, उसक सूची यहां दी जा रही है। … Read more

उनका नाम हंसमुख सोगानी होना चाहिए था

आपने हंसमुख शब्द सुना होगा। ये उन लोगों के लिए प्रयुक्त होता है, जो जब हंस या मुस्करा नहीं रहे होते हैं, शांत चित्त होते हैं, तब भी उनके चेहरे से हंसी प्रस्फुटित होती है, मुख मंडल पर मुस्कराहट बिखरी होती है। हरदिल अजीज श्री नवीन सोगानी इसके साक्षात उदाहरण थे। शायद ही उन्हेंं कभी … Read more

बुझ गया अजमेर का सांस्कृतिक सूरज

नवीन जी नहीं रहे..! एक अविश्वसनीय समाचार। अप्रिय सत्य…! नवीन सोगानी मेरे लिए एक नाम या रिश्ता भर नहीं थे। रिश्ते की समझ, जीने का सलीका, शरीर से इतर पूरे वजूद के कारक-कारण थे। मैं सपना देखता था, वे उसमें रंग भर देते थे। मैं विचार करता था वे उसे कर्म बना देते थे। मैं … Read more

कैन्सर से जंग जीतने वाली फ़ुटबाल गर्ल नीराज गुर्जर की प्रेरक कहानी

अजमेर ज़िले के किशनगढ़ क्षेत्र में स्थित है हासियावास गाँव .राष्ट्रीय राजमार्ग से हमारी गाड़ी खुंडियास की तरफ़ चली , पूछते पूछते हम उस गाँव पहुँचें , जहां पर एक जाँबाज़ फ़ुटबालर रहती है जिसका नाम है नीराज गुर्जर . नीराज और उस जैसी दर्जनों लड़कियाँ ग्राम समाज की बंदिशों , आर्थिक तंगी और लड़की … Read more

अब हृदय सम्माननीय के जुमले से कौन पुकारेगा?

जी हां, हृदय सम्माननीय। वे विशेष रूप से खबरनवीसों और खास लोगों को इसी संबोधन से बुलाया करते थे। दरअसल यह उनका तकिया कलाम हो गया था। दो शब्दों का यह जोड़ उनकी पहचान बन गया। अजमेर में वे इकलौते थे, जो इसका इस्तेमाल किया करते थे। उन्होंने ही इसका इजाद किया था, जो किसी … Read more

स्वर्गीय श्री राजेन्द्र वर्मा : एक बेहतरीन इंसान चला गया

मेरे एक साथी, भाई तुल्य श्री राजेन्द्र वर्मा का निधन हो गया। वे एक बेहतरीन इंसान थे। जीवन में जम कर काम किया। खूब संघर्ष भी करते रहे। उनसे मेरे स्नेह की कड़ी थे उनके पिताश्री स्वर्गीय बाबूलाल जी वर्मा। उन्होंने सन् 1961 में वातावरण के नाम से एक साप्ताहिक शुरू किया। उस जमाने के … Read more

अजमेर की माली हालत चौपट

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए लागू लॉक डाउन के चलते पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई है, मगर विशेष रूप अजमेर जिले की माली हालत पूरी तरह से चौपट हो गई है। हालांकि लॉक डाउन में शनै: शनै: शिथिलता के बाद जनजीवन धीरे धीरे पटरी पर आता नजर आता है, मगर व्यापार … Read more

कभी एडवोकेट दशोरा व डॉ. बाहेती की दोस्ती के किस्से जवान थे

हाल ही शहर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व राजस्व मामलों के वरिष्ठ वकील श्री पूर्णाशंकर दशोरा का जन्मदिन था, तो यकायक ख्याल आया कि उन पर भी एक शब्दचित्र खींचने का प्रयास करूं। वैसे उनके बारे में लिखने का विचार बहुत दिन से था कि चर्चाओं से दूर ऐसे शख्स से मौजूदा पीढ़ी को रूबरू … Read more

मुस्कराइये क्योंकि आप अजमेर में है !

हास्य-व्यंग्य एक बार पुष्कर तीर्थ में आदरणीय मोरारी बापू ने रामायण कथा के दौरान बताया कि कानपुर मैं जगह जगह बैनर लगे है जिस पर लिखा था “मुस्कराइयें क्योंकि आप कानपुर में है.” बापू की इच्छा थी कि अजमेर-पुष्कर रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैन्ड पर भी इसी आशय के स्थाई बैनर-बोर्ड लगायें जाय. बापू की … Read more

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