नीचे गिरने की हद हो गई
यह तो नीचे गिरने की पराकाष्ठा है। और कितना नीचे गिरोगे। राजनीति में शुचिता नाम की भी कोई चीज है या नहीं। जिस राम का नाम जाप कर और उसके मंदिर का राग अलाप कर सत्ता में आई भाजपा आज अपनी राजनीतिक और सत्ता की भूख मिटाने के लिए उसी राम की बेकद्री करने वाले … Read more