शादीअ जी शर्त (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “उते ई बीहु! अगि॒यां कदमु न वधाइजां।” सींगारि कयलु नई नूंहं आसीस वठण लाइ पेरनि डांं॒हुं झुकी त बिजिलीअ वांगुरु कड़ाके वारी आवाज़ ते हैरानु थी वेई। अञां त घर अंदरु वञण जी रस्म ई कोन थी हुई, हूअ चाऊंठि जे बा॒हिरि ई हुई ऐं अंदिरा … Read more

मालुम हो गया दुनियादारी।

ऐ ज़िन्दगी इस भरी दुनिया में पल-पल बढ़ते ही जा रहे हो, कभी हंसाकर तो कभी रुलाकर मालुम नहीं कहां लिए जा रहे हो । ऐ ज़िन्दगी तूने सफर के दौरान अच्छे-बुरे लोगों से मिलाते हुए, ज़ीने का तरीका भी सिखाते हुए मालुम नहीं कहां लिए जा रहे हो। ऐ ज़िन्दगी इस अंजान राह में … Read more

*पद,कद,मद,तोड़ ही देते हैं हद*

*मोदी ने भाजपा में कई नेताओं को कद की हद बता दी है* —————————- *■ ओम माथुर ■* *■पद मिलने से जब कद बढ़ता है,तो मद आ ही जाता है। तब कोई नेता अपनी हद में कहां रहता है।* *■लेकिन पद जाने के साथ ही मद चला जाता है,तो कद किस काम का।* *■भाजपा में … Read more

सावन के तीसरे सोमवार को लगता है आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला

हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्योहार आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिद्ध कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार को लगता … Read more

शब्दों का शुक्रगुजार हूं मैं

कभी कभी मुझे ये खयाल आता है कि … किंचित ही सही शब्दों को सजाने का गर कौशल न आता तो क्या होता ! मेरा ये जीवन ….. मानो होता कोई बंजर जमीन का ऐसा एक टुकड़ा जहां न पैदा होता अन्न का एक दाना न ही जंगली फूल ही खिलते हैं ….. नीरस होता … Read more

गहलोत की पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त…!

-निरंजन परिहार राजनीति में वैसे तो चर्चाओं का कोई खास मोल नहीं होता। क्योंकि चालाक लोगों द्वारा चर्चाएं चलाई ही इसलिए जाती हैं कि चर्चित व्यक्ति को चकित करने के चौबारे तलाशे जा सकें। उसकी राह में कांटे बिछाए जा सके और फिर तकदीर के तिराहे से सीधे सियासत की संकरी अंधेरी गलियों में आसानी … Read more

दोस्ती है जादुई संवेदनाओं को जगाने का सशक्त माध्यम

अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस – 4 अगस्त 2024 मित्रता हर रिश्ते में प्रेम, विश्वास एवं आत्मीयता का रस घोलती है। दोस्ती एक अनूठा एवं विलक्षण रिश्ता है, जिसमें हम बिना संकोच के अपनी वास्तविकता प्रकट कर देते हैं। यह रिश्ता कर्तव्यों, नियमों एवं बंधनों से मुक्त है। यह रिश्ता हमें स्वतंत्रता देता है, जिससे हम जैसे … Read more

*पानी का लेवल घट गया, लेकिन भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया कि पूरा विभाग डूब गया*

*जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने विभाग में बेईमानी को ईमानदारी से स्वीकारा, लेकिन ये नहीं बताया सुधारेंगे कैसे* ———————————— *■ ओम माथुर ■* *तो,राजस्थान का पूरा जलदाय महकमा भ्रष्ट्र है। यानी बाबू से लेकर अफसर,इंजीनियर तक सभी और भ्रष्टाचारी हैं,रिश्वतखोर हैं। भ्रष्टाचार भी इतना गहरा फैला है कि अगर गहनता से जांच हो तो शायद … Read more

नफ़ो नुक़्सानु (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी ऑटो मां लहंदे मूं पछियोमांसि “घणा पैसा थिया अदा?” “सोरहं रुपया” वीहनि रुपयनि जो नोटु हुन खे डीं॒दे चयोमांसि “बाकी चारि रुपया मूंखे डे॒।” “अदी चारि रुपया त नाहिन, तव्हां मूंखे छह रुपया डि॒यो त मां तव्हांखे ड॒हनि रुपयनि जो नोटु थो डि॒यां।” मसैले जो हलु … Read more

*भ्रष्ट सिस्टम और जवाबदेही का अभाव देश के लिए घातक*

*संसद भवन टपकने के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल, बारिश खोल रही है सब तरफ पोल* ———————————— *■ ओम माथुर ■* *एक मित्र ने शहर में बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने के कारण हो रही परेशानी के कारण विधायक को फोन किया और समस्या बताई। उन्होंने जवाब दिया, मुझे क्या कह … Read more

आरक्षण के भीतर आरक्षण की व्यवस्था का अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जातियों-जनजातियों यानी एससी-एसटी समुदाय में आरक्षण के भीतर आरक्षण का रास्ता साफ करके आरक्षण की व्यवस्था को तार्किक, न्यायसंगत, समानतापूर्ण बनाने का सराहनीय कार्य किया है। न्यायालय के इस तरह के फैसले मिसाल ही नहीं, मशाल बन कर सामने आ रहे हैं, जिससे राष्ट्र की विसंगतियों एवं विडम्बनाओं से मुक्ति की … Read more

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