आरक्षण की मूल भावना अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग को समाज में समानता और सम्मान दिलाने की हैं

अजमेर/बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जब भारत का संविधान बनाया था तो उसमें स्पष्ट था की जो दलित धनाढ्य होते हुए भी छुआछूत के भेदभाव से उच्च वर्ग के पास नहीं बैठ पाते । इसलिए जब तक उन्हें आरक्षण द्वारा मजबूती प्रदान कर एक साथ उठने बैठने व भाईचारे के साथ रहने का अवसर प्रदान … Read more

नफ़ो नुक़्सानु (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी ऑटो मां लहंदे मूं पछियोमांसि “घणा पैसा थिया अदा?” “सोरहं रुपया” वीहनि रुपयनि जो नोटु हुन खे डीं॒दे चयोमांसि “बाकी चारि रुपया मूंखे डे॒।” “अदी चारि रुपया त नाहिन, तव्हां मूंखे छह रुपया डि॒यो त मां तव्हांखे ड॒हनि रुपयनि जो नोटु थो डि॒यां।” मसैले जो हलु … Read more

कल को निकल जाना है…..

आज आए हैं पर कल को निकल जाना है यहां सदा किसका रहा ठीकाना है कहीं गुलशन तो कहीं वीराना है जीवन तो सफर है यहां बस आना और जाना है कर मोहब्बत जहां से लुटा मोहब्बत जहां भर में सबके दिलों में यकीनन समाना है कर भला तो होगा जरूर भला यही जीने का … Read more

ओलम्पिक 2024 में भारत के ऐतिहासिक धमाल की उम्मीदें

एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों की तब मिट्ठियां तन गयी, यकीनन ये गर्व के क्षण हैं, जब मनु भाकर और सरबजोत सिंह की जोड़ी ने ओलम्पिक में पदक दिलाये। 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्द्धा का कांस्य पदक कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड को समेटे हुए है। 28 जुलाई को 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग श्रेणी में … Read more

सावन मास का महत्व एवं शिव की शरण

सावण मास को मासोत्तम मास कहा जाता है। सावण मास अपना एक विशिष्ट महत्व रखता है। यह माह अपने हर एक दिन में एक नया सवेरा दिखाता। इसके साथ जुडे़ समस्त दिन धार्मिक रंग और आस्था में डूबे होते हैं। इस माह की प्रत्येक तिथि किसी न किसी धार्मिक महत्व के साथ जुड़ी हुई होती … Read more

दानिशमंद (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी मुंहिंजो हिकु अज़ीज़ दोस्तु घणनि डीं॒हंनि खां पोइ मूंसा मिलण घरु आयो ऐं चांहिं जूं चुस्कियूं वठंदे असां बे॒ई नयूं झूनियूं गा॒ल्हियूं यादि कंदे गुज़िरियल वक़्त जे घिटियुनि में पहुची वियासी। मुंहिंजी आपबीती बु॒धी हू दोस्तु गा॒ल्हियुनि जे मुकाबिले में मूंखा अगि॒यां निकरंदे चवण लगो॒-“उहे डीं॒हं … Read more

देश जो भविष्य (नंढी कहाणी)

लेखिका: देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “मेम साब, हीअ महांगाई त असां ग़रीबनि खे मारे करे ई दमु वठंदी। 40-50 खां घटि काई भाजी॒ कोन्हे, टमाटा ऐं दालियूं डि॒ठे त महीना थी विया आहिनि।” मुंहिंजी कम वारी कौशल्या पंहिंजे पेट जो रुअंदो रोई जेसताईं सभिनी सुञातल घरनि जूं गा॒ल्हियूं बु॒धाए न, तेसताईं हुन … Read more

नैतिकता का स्थान अनेतिकता ने ले लिया है

एक जमाना ऐसा भी था जब देश में जन नेता आम जनता की बात/समस्याओं को ध्यान से सुनते थे किन्तु आज सिर्फ व्यापारिक घरानों की ही बात सुनी जाती है | एक जमाने में नेताओं का लक्ष्य गरीब से भी गरीब की भलाई के कार्यक्रमों को केंद्र में रख कर नीतियां बनाई जाती थी किन्तु … Read more

चविणी ऐं करिणी (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी मुंहिंजी जिगिरी साहिड़ी ललिता जो हवालो खणी हू नौजुवानु मुंहिंजे घरु आयो ऐं पंहिंजी पढ़ाई में आयल तकलीफ़ जे लाइ निवड़त सां मूंखा मदद घुरंदो रहियो। मूं हुन खे मदद करण जो वाइदो हीउ चवंदे कयो-” सुभाणे त मां चइनि डीं॒हंनि जे लाइ बा॒हिरि वञी रही … Read more

मौत बांटते असुरक्षित कोचिंग सैंटर, पीजी और हॉस्टल

दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत-हादसे ने समूचे राष्ट्र को दुःखी एवं आहत किया है, यह हादसा नहीं, बल्कि मानव जनित त्रासदी है, लापरवाही एवं लोभ की पराकाष्ठा है। इस त्रासदी की जड़ में है घोर दोषग्रस्त कोचिंग प्रणाली … Read more

*पुलिस और कानून के इकबाल को चुनौती*

*जेल से मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी देना मामूली बात नहीं,फिर आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा* ———————————— *■ओम माथुर ■* *कोई अपराधी जेल से पुलिस नियंत्रण कक्ष में फोन करके ये धमकी दे कि मुख्यमंत्री को गोली मारेंगे,तो उस राज्य की पुलिस,कानून-व्यवस्था और जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल अपने आप खुल … Read more

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