स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली

दिवाली या दीपावली हिंदुस्तान में मनाया जाने वाला एक प्राचीन पर्व है जो कि हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, इसके पीछे पौराणिक मान्यता है कि दीपावली के दिन हिंदुओं के आराध्य अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चैदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। इससे पूरा अयोध्या अपने … Read more

इन देशों में भी मनाए जाते हैं दिवाली जैसे ‘रोशनी के त्योहार’-Part—1

सिर्फ दिवाली ही नहीं दिवाली की ही तरह कई देशों में लाइट फेस्टिवल या फायर फेस्टिवल मनाया जाता है। इन त्योहारों के पीछे भी वहां की स्थानीय मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। थाइलैंड:– थाईलैंड में भी बिलकुल दीवाली जैसा ही एक त्योहार मनाया जाता है हालांकि यहां इसे ‘लाम क्रियोंघ’के नाम से जाना जाता है। इस … Read more

दीपोत्सव- विवेक, न्याय, सदाचार, अहंकार एवं प्रकाश की अविवेक, अन्याय, अनाचार, विनम्रता और अंधकार पर विजय का पर्व—-Part 2

दीपावली का पर्व प्रति वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या के दिन उल्लास और उमगं के साथ मनायी जाती है | अमावस्या यानि अंधकार, जो अज्ञानता और विकारों का प्रतीक है | इसलिए घर-घर में अंदर और बाहर अधिकाधिक दीपमालाएं आदि लगाने की होड़ लग जाती हैं | सच्चाई तो यही है कि इन्सान की आत्मा … Read more

जानिए धनतेरस 2016 के पूजन मुहूर्त को

प्रिय पाठकों/मित्रों, शास्त्रों के अनुसार मां लक्ष्मी और भगवान धन्वतरि को धन को देवता माना जाता है। इसके चलते लोग धनतेरस पर के मौके पर कुबेर और यम की पूजा करते है। उत्तरी भारत में कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व पूरी श्रद्धा व विश्वास से मनाया जाता है । … Read more

स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली

दिवाली या दीपावली हिंदुस्तान में मनाया जाने वाला एक प्राचीन पर्व है जो कि हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, इसके पीछे पौराणिक मान्यता है कि दीपावली के दिन हिंदुओं के आराध्य अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चैदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। इससे पूरा अयोध्या अपने … Read more

देवताओं के कोषाध्यक्ष एवं धनाधिपति कुबेर

दीपोत्सव पर जहाँ हर घर-आंगन में माता लक्ष्मी एवं गणेशजी की पूजा-अर्चना की जाती हैं वहीं कई लोग धन-सम्पदा,एश्वर्य-सुख-सम्रद्धि की प्राप्ति के लिये धन तेरस और दीपावली के दिन धन के स्वामी कुबेर की भी पूजा करते हैं | जहाँ इंद्र देवताओं के राजा हैं, ब्रहस्पति देवताओं के गुरु हैं वहीं कुबेर ब्रह्मांड में धनाधिपति … Read more

भगवान विष्णु के हर रूप के साथ माता लक्ष्मी भी अवतरित हुई Part–3

हिन्दू संस्कृति मे माता लक्ष्मी की छवी:——- माता लक्ष्मीजी को अत्यंत प्रियशील सुंदर कमल के फूल पर विराज मान, भव्य हीरे-जवाराहत धारण किये हुए एवं सुंदर परिधान युक्त चार भुजा वाली देवी के रूप मे दर्शाया जाता है | माता के मुख मंडल से स्नेह, ममता, वात्सल्य, निर्मलशांती की आभा झलकती रहती है | माता … Read more

भगवान विष्णु के हर रूप के साथ माता लक्ष्मी भी अवतरित हुई Part–2

श्री लक्ष्मी का अर्थ है सभी प्रकार के धन, साधारणतया 8 प्रकार की धन लक्ष्मी का वर्णन होता है जो निम्नलिखित है आदि लक्ष्मी , धान्य लक्ष्मी, धैर्य लक्ष्मी , गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी एवं धनलक्ष्मी | माता लक्ष्मी के विभिन्न नाम:—– लक्ष्मीजी को हजारों नाम से जाना जाता है | इसलिए … Read more

या तो वे भिन्न थे, या फिर उस दौर की सियासत अलग थी

राजस्थान में लम्बे समय तक पक्ष विपक्ष में प्रभावी नेता रहे स्व भैरों सिंह शेखावत को आज याद किया जा रहा है। आज उनकी 93 वी जयंती है। वे भिन्न थे। क्योंकि जब समाज का एक बड़ा हिस्सा सती प्रथा की हिमायत में खड़ा हो गया ,स्व शेखावत ने साहस के साथ इसका विरोध किया … Read more

भगवान विष्णु के हर रूप के साथ माता लक्ष्मी भी अवतरित हुई Part–1

धरती पर अधर्म-अनाचार-अत्याचार के खात्में और धर्म-न्याय-सोहार्द की स्थापना के लिये जब जब भगवान विष्णु धरती पर अवतार लेते हैं तब तब माता लक्ष्मी भी उनके साथ अवतरित होती है | भाग्य विधाता और भाग्य लक्ष्मी माता लक्ष्मीजी को देवताओ मे धन-दोलत- ऐश्वर्य, स्नेह , सफलता, आध्यात्मिक एवं भौतिकी प्रगति का अवतार माना जाता है … Read more

रवि पुष्य नक्षत्र 23 अक्टूबर 2016 को

23 अक्टूबर 2016 को हैं खरीदारी का महामुहूर्त, रवि पुष्य योग में– जानिए इस दीपावली पर बाजार से खरीददारी का महामुहूर्त रवि पुष्य योग — इस बार दिपावाली से 8 दिन पहले यानी 23 अक्टूबर 2016, (रविवार) को आ रहा हैं। ज्योतिषी पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र और इसमें … Read more

error: Content is protected !!