हाय तनाव !— कैसे मुक्ति पायें टेंशन से ? Part-1

क्या है तनाव—— तनाव का मतलब है अनियंत्रित एवं और असंतुलित मन | तनाव का अर्थ अनियत्रित भावनात्मक अवस्था | दिमाग पर अनियंत्रित दबाव (स्ट्रेस), यानी निराशा एवं हताशा, तनाव का मतलब है बोद्धिक क्षमता एवं मानसिक शांति की शिथलता | तनाव के विनाशकारी दुष्परिणाम——- तनाव का प्रभाव बचपन से म्रत्यु तक बना रहता है … Read more

हाय तनाव !— कैसे मुक्ति पायें टेंशन से ? Part-1

क्या है तनाव—— तनाव का मतलब है अनियंत्रित एवं और असंतुलित मन | तनाव का अर्थ अनियत्रित भावनात्मक अवस्था | दिमाग पर अनियंत्रित दबाव (स्ट्रेस), यानी निराशा एवं हताशा, तनाव का मतलब है बोद्धिक क्षमता एवं मानसिक शांति की शिथलता | तनाव के विनाशकारी दुष्परिणाम——- तनाव का प्रभाव बचपन से म्रत्यु तक बना रहता है … Read more

देव उठानी ग्यारस 2016

प्रिय पाठकों/ मित्रों, हिन्दू धर्म में कार्त‌िक महीने की शुक्लपक्ष की एकादशी का बड़ा ही महत्व है। कहते हैं इस एकादशी के द‌िन व्रत पूजा करने वाले के कई जन्मों के पाप कट जाते हैं और व्यक्त‌ि उत्तम लोक में जाने का अध‌िकारी बन जाता है।देवप्रबोधनी एकादशी के दिन निर्जल व्रत रखकर विष्णु भगवान की … Read more

भाई-बहन के आत्मीय रिश्तों का अनूठा त्यौहार

हिन्दू समाज में भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक पर्व है भैया दूज। बहन के द्वारा भाई की रक्षा के लिये मनाये जाने वाले इस पर्व को हिन्दू समुदाय के सभी वर्ग के लोग हर्ष उल्लास से मनाते हैं। इस पर्व पर जहां बहनें अपने भाई को टीका लगाकर उनके जीवन रक्षा, दीर्घायु व सुख … Read more

सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनमोल विचार

यह हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह अनुभव करे की उसका देश स्वतंत्र है और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है| हर एक भारतीय को अब यह भूल जाना चाहिए कि वह एक राजपूत है, एक सिख या जाट है| उसे यह याद होना चाहिए कि वह एक भारतीय है … Read more

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल

भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई झावेरभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नाडियाद मुंबई में हुआ था ! सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क‘ कहा गया है | विभाजन के बाद भारत के बिखरे राज्यो का विलय सरदार पटेल ने बड़ी कुशलता और अनोखे तरीके के साथ किया था, उनकी 141वीं पुण्यतिथि तिथी … Read more

आईये इंदिरा जी की 32वीं पुण्यतिथि तिथी पर उन्हें याद करें

इंदिरा गांधी को एशिया की आयरन लेडी के रूप में जाना जाता है|बेंकों के राष्ट्रीयकरण, प्रिवरसों को समाप्त करने के साहसिक निर्णय लेने वाली तथा 80 ह्जार से ज्यादा पाकिस्तान के सेनिकों का आत्मसमर्पण करवाकर पाकिस्तान का विभाजन करवाके नये राष्ट्र बंगलादेश के निर्माण करवाने वाली भारत की बेटी इंदिराजी को नमन | आतंकवाद से … Read more

दीये मुंडेर पर ही नहीं, घट में भी जलने चाहिए

दीपावली मनाने की सार्थकता तभी है जब भीतर का अंधकार दूर हो। दीया घर की मुंडेर पर ही नहीं, घट में भी जलाने की जरूरत है। अंधकार जीवन की समस्या है और प्रकाश उसका समाधान। जीवन जीने के लिए सहज प्रकाश चाहिए। प्रारंभ से ही मनुष्य की खोज प्रकाश को पाने की रही। असली प्रकाश … Read more

तभी दिवाली पूरी

सिर्फ़ दिवाली यही नहीं कि लक्ष्मी का पूजन हो । धन-दौलत की बौछारों से , भरा हुआ आँगन हो । सिर्फ़ दिवाली यही नहीं कि साफ़-सफाई कर लें । सभी सजावट की चीजों से , घर का रूप निखर लें । सिर्फ़ दिवाली यही नहीं कि मिष्ठानों को खाएं । कुछ घर में, कुछ बाजारों … Read more

एक दीपक

समग्र समाज (और सभी दोस्तों) को दीपावली की लाख-लाख बधाइयां। दीपावली हमें एक दीपक जरूर प्रज्वलित करने का संदेश दे रही है। भलेशक आज के जमाने में बिजली और जेनरेटर जैसे संसाधन रोशनी के लिए मुहैया हैं। भलेशक प्रत्येक व्यक्ति लखपति-करोड़पति है मगर मानवीयता के लिए जज्बा भी जिंदा रहना जरूरी है। जीवन और प्राणियों … Read more

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