जानिए वास्तु अनुसार किस दिशा में हो रसोई/किचन

किसी भी घर/भवन में किचन (रसोईघर) अत्यन्त महत्वपूर्ण है। घर की गृहिणी का किचन से विशेष नाता रहता है। गृहणियां हमेशा इस बात का खयाल रखती हैं कि उनका किचन आग्नेय कोण में हो और यदि ऐसा नहीं हो तो किसी भी परेशानी का कारण किचन के वास्तुदोष पूर्ण होने को ही मान लिया जाता … Read more

पर्यावरण व जीव रक्षा का संदेष देता – वर्षावास

-डॉ. पुष्पेन्द्र मुनि- प्राचीन ग्रन्थों में वर्णन मिलता है, भगवान नेमिनाथ जी ने जब द्वारका नगरी में वर्षावास किया, तब श्रीकृष्ण वासुदेव ने यही प्रश्न किया – भन्ते, श्रमण चार मास तक एक स्थान पर क्यों रहते हैं? उत्तर में भगवान नेमिनाथ जी ने बताया – वर्षा के कारण पृथ्वी पर अनगिनत, असंख्य, अनन्त जीवों … Read more

स्वास्थ्यवर्धक एवं फायदेमंद अमरुद

जानिये अमरुद खाने से होने वाले फायदे—– अमरूद में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं | साथ ही ये इम्यूंन सिस्टरम को भी मजबूत बनाता है | अमरूद खाने की सलाह डॉक्ट|र भी देते हैं | न्यूट्रीशन सलाहकार देबजानी बनर्जी के अनुसार अमरूद खाने के … Read more

वास्तु नियमों का गलत आंकलन,गलत परिणाम

वास्तु की मूल अवधारणा के अनुसार मुख्य द्वार के सामने रास्ता/टी/ऊँचे पेड़ आदि के होने से अधिकांश लोगों को मैंने द्वार पर या बाउंड्रीवाल पर दर्पण लगाते देखा है,परंतु इसके दुष्परिणाम का आंकलन वो लोग नहीं कर पाते।हर किसी दिशा में दर्पण नहीं लगाया जाता है और ना ही हर टी पॉइंट पे द्वार गलत … Read more

हिन्दी सिनेमा में उर्दू भाषा और इकबाल का कलाम

सिनेमा या हिन्दी सिनेमा में ऊर्दू भाषा पर चर्चा करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर सिनेमा है क्या? अंग्रेजी शब्दकोष के अनुसार, 1. Cinema is a place where people go to watch films for entertainment, 2. Cinema is the business and art of making films उक्त दोनों परिभाषाओं से यह समझ में … Read more

रवीश कुमार का पत्र…

रवीश कुमार का पत्र जिसमें वे मोदी सरकार में नव नियुक्त मंत्री एम. जे. अकबर साहब से वह नुस्खा जानना चाहते हैं जिसके चलते हर तरह की राजनीति के साथ पत्रकारिता करने पर भी उन्हें कभी गाली नहीं खानी पड़ी आदरणीय अकबर जी, मैं ऐसा क्या करूं कि लोग मुझे दलाल और मेरी मां को … Read more

ईद है मानव से मानव के मिलन का त्यौहार

भारतवर्ष की ख्याति जहां यहां के साम्प्रदायिक सौहार्द एवं आपसी सद्भावना के कारण है वहीं यहां के पर्व-त्यौहारों की धर्म-समन्वय एवं एकता के कारण भी है। इन त्योहारों में इस देश की सांस्कृतिक विविधता झलकती है। यहां बहुत-सी कौमें एवं जातियां अपने-अपने पर्व-त्योहारों तथा रीति-रिवाजों के साथ आगे बढ़ी हैं। प्रत्येक पर्व-त्यौहार के पीछे परंपरागत … Read more

सपनों की मायावी दुनिया का सच

स्वप्न का हमारे जीवन के साथ गहरा तादात्म्य है। स्वप्न क्यों आते हैं, उनका वास्तविक जीवन से क्या संबंध है, क्या स्वप्न सच के प्रतिबिम्ब होते हैं, क्या स्वप्न जीवन को प्रभावित करते हैं- ऐसे अनेक प्रश्न है जो बंद पलकों के पीछे की इस रोमांचक दुनिया से जुडे़ है। इस ख्वाबों की दुनिया के … Read more

रमज़ान या रमादान?

रमज़ान, रमादान, रमाधान या रमाथान? अरबी में मूल शब्द रमाधान या रमाथान है जो कि रमिधा से लिया गया है. ‘रमिधा’ का मतलब जला देना. भस्म कर देने की क्रिया. वैसे ही जैसे संस्कृत में यज्ञकुण्ड में भस्म की जानेवाली सामग्री को ‘समिधा’ कहा जाता है. लेकिन अरबी के इस ‘रमिधा’ को अंग्रेजी ने छुआ … Read more

डॉक्टर्स डे ( राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस)

धरती के भगवान को नमन—अभी भी जिन्दा है डाक्टर्स में सेवा भाव डॉक्टर्स की समाज के प्रति अमूल्य सेवा एवं योगदान के बारे में जनसाधारण को जागरुक करने के लिये प्रति वर्ष भारत में 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डाक्टर्स डे) मनाया जाता है | इस वर्ष शुक्रवार 1 जुलाई को हमारे देश में … Read more

धर्मगुरुओं का व्यावसायी हो जाना!

हाल में हमारे देश में अनेक ऐसे धर्मगुरुओं का उभार हुआ है, जिन्होंने धर्म को धन से जोड़ दिया है। वे भारत में सबसे तेज रफ्तार से उपभोक्ता सामान बेच कर लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। उनके प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में है जो उन्हें धर्मगुरु से ज्यादा एक व्यावसायिक के रूप में प्रतिष्ठा दिला … Read more

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