पर्यावरण व जीव रक्षा का संदेष देता – वर्षावास
-डॉ. पुष्पेन्द्र मुनि- प्राचीन ग्रन्थों में वर्णन मिलता है, भगवान नेमिनाथ जी ने जब द्वारका नगरी में वर्षावास किया, तब श्रीकृष्ण वासुदेव ने यही प्रश्न किया – भन्ते, श्रमण चार मास तक एक स्थान पर क्यों रहते हैं? उत्तर में भगवान नेमिनाथ जी ने बताया – वर्षा के कारण पृथ्वी पर अनगिनत, असंख्य, अनन्त जीवों … Read more