नारी शक्ति के अभिव्यक्ति का पर्व नवरात्रा

नारी को हमेशा से भारतीय समाज में सर्वोच्च एवम् विशेष सम्मान प्राप्त है|नवरात्रा का उत्सव समाज में महिलाओं को आदर-सम्मान देने की पुरातन परम्परा का साक्षात् प्रमाण है|नवरात्रा पर्व में महिलाओं की सभी गतिविधियों तथा कार्यकलापों को सकारात्मक रूप में सम्मिलित किया गया है| जहाँ एक तरफनवरात्रा का पहला दिन बालिकाओं को वहींदूसरा नवरात्रा युवतियों … Read more

क्या है एक्साइज ड्यूटी

मान लीजिये आप सुनार के पास गए आपने 10 ग्राम प्योर सोना 30000 रुपये का खरीदा। उसका लेकर आप सुनार के पास हार बनबाने गए। सुनार ने आपसे 10 ग्राम सोना लिया और कहा की 2000 रुपये बनबाई लगेगी। आपने कहा ठीक है। उसके बाद सुनार ने 1 ग्राम सोना निकाल लिया और 1 ग्राम … Read more

संविधान के शिल्पकार—विश्व भूषण अम्बेडकर

जीवनपर्यन्तवर्ण व्यवस्था एवं हिन्दू समाज में व्याप्त उंच-नीच, जाति व्यवस्था एवं धार्मिक आडम्बरों के विरुद्ध अनवरत् संघर्ष करने वाले बाबासहिब अम्बेडकर को 15 अगस्त 1947 को देश का पहले कानून मंत्री बनाया गया | 29 अगस्त 1947 को उन्हें भारत के संविधान निर्माण के लिए बनी के संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त … Read more

क्या दलितों को सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त है?

डा.भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के गाँव अंबावडे में रामजी मालोजी सकपाल व भीमाबाई के परिवार में चौदहवीं संतान के रूप में महार अछूत जाति में हुआ था। उनका बचपन का नाम रामजी सकपाल था।उनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवारत थे।विशेष स्नेही ब्राह्मण शिक्षक महादेव अंबेडकर … Read more

नवरात्रि

आधिकारिक नाम नवरात्रि अन्य नाम नराते, नवरात्र अनुयायी हिन्दू, भारतीय, भारतीय प्रवासी आरम्भ चैत्र माह और अश्विन माह[1] तिथि प्रतिपदा से नवमी तिथि तक समान पर्व शिवरात्रि नवरात्रि एक हिंदू पर्व है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के … Read more

10अप्रैल सिन्धी भाषा दिवस पर …

भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को भारतीय कानून के तहत बहुत सारे लाभ प्राप्त होते हैं, जिनमें से कुछ का उल्लेख नीचे किया गया है: 1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 344 (1) एवं 35 (भाषा) में कहा गया है कि भारतीय संघ के समस्त कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की कार्यकारी भाषा … Read more

नव संवत्सर सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहर को पुष्ट करने का पुण्य दिवस

भारतीय संास्कृतिक गौरव की स्मृतियाँ समेटे हुए अपना नव वर्ष (संवत्सर) युगाब्द 5118, विक्रम संवत् 2073 की चैत्र शुल्क प्रतिपदा तदानुसार 8 अप्रेल 2016 को प्रारम्भ हुआ। सर्वस्पर्शी एवं सर्वग्राह्य भारतीय संस्कृति के दृष्टा मनीषियों और प्राचीन भारतीय खगोल शास्त्रियों के सूक्ष्म चिन्तन मनन के आधार पर की गई कालगणना से अपना यह नव संवत्सर … Read more

जड़ों की ओर

‘‘क्या भाई, दिमाग तो नहीं घूम गया तुम्हारा, अब नववर्ष की शुभकामनाएँ दे रहे हो, तीन माह बीत चुके नया साल प्रारम्भ हुए।’’ मेरी शुभकामनाओं के प्रत्युŸार में राजेश मेरा मजाक बनाते हुए जोर से हँसा। ‘‘भइया, मेरा दिमाग तो बिल्कुल ठीक है, तुम्हारी स्मृति अवश्य कमजोर हो गई है। क्या तुम्हें याद नहीं कि … Read more

नव संवत्सर

अपनी धरती अपना अम्बर, अपना गौरव महान् देखो समझो और विचारो, यही है चारों धाम हिन्दू संस्कृति की पताका, आओ फिर से फहरा दें हम, मानवता की रक्षा कर, जन-जन में विश्वास जगा दे हम अपनी धरती… प्रतिपदा की इस बेला में, ब्रह्माजी ने किया है इक काम कहीं पे नदियां कहीं पर नाले, कहीं … Read more

‘‘पाश्चात्य और भारतीय काल गणना’’

– हनुमान सिंह राठौड़ – आजकल जो ईस्वी सन् के रूप में प्रसिद्ध है, उसका ईसाई रिलिजन या ईसा के जन्म से कोई सम्बन्ध नहीं है। मूलरूप से यह उत्तरी यूरोप के अर्धसभ्य कबीलों का कैलेण्डर था, जो मार्च से अपना नया वर्ष प्रारम्भ करते थे। प्रारम्भ के दो महीने शीत निष्क्रियता में बीतते थे। … Read more

आध्यात्मिक साधना की नौ रातें

जड़-चेतन सबमें मौजूद शिवशक्ति-तत्व कालातीत है … देश, काल से ऊपर है । शक्ति के बिना शिव भी शव हैं, जड़ हैं । वेद में कहा गया है मातृशक्ति दिव्यलोक से पितरों द्वारा प्रेरित हो इस मर्त्यलोक के कर्मक्षेत्र में जीवनयज्ञ चलाने आती है । मातृशक्ति … मातृत्वभाव … जननी … शाश्वत-शक्ति … स्त्री … … Read more

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