होलिका दहन मुहूर्त

-अंजु आनंद- होलिका दहन के मुहूर्त के लिए भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परन्तु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिये। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक … Read more

फाग की मस्ती, थार मरुस्थल में चंग बजने लगे

बाड़मेर[चन्दन भाटी] बाड़मेर जिले में मदोत्सव एवं रंगोत्सव की मस्ती छाई हुई हैं।आधुनिकता की दौड़के बावजूद थार मरुस्थल में लोक कला और संस्कृति से जुड़ी परम्पराओं का निर्वाह किया जा रहा हैं।ग्रामीण अंचलों में होली की धूम मची हैं।ग्रामीण अंचलों में रंगोत्सव की मदमस्ती बरकरार हैं।ग्रामीण चौपालों पर सूरज लते ही ग्रामीण चंग की थाप … Read more

नदी से नाला बनती ब्रज की यमुना

२२ मार्च २०१६ जल दिवस पर विशेष यमुना नदी यमनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और गंगा नदी की सबसे बडी सहायक नदी है आज यह नदी गंगा नदी से भी ज्यादा प्रदूषित है। भारतवर्ष की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना को गंगा के साथ रखा जाता है। जिस तरह गंगा नदी का सांस्कृतिक … Read more

प्रिन्ट मीडिया के पितामह “श्रद्धेय कुलिश जी” को शत शत नमन

“हमारे समाज की सत्ता राजनितिक सत्ता से बड़ी हे। जहाँ हमने थोड़ी शिथिलता बरती…वही मात खा गये, लेकिन अभियान के तौर पर या जानबुझकर पक्षपात करना या विरोध करना हमारी प्रकृति में नहीं हे।” श्रद्धेय कुलिश जी के यह शब्द तब,आज और भविष्य के लिए भी अमिट रहेंगे। जन सत्ता…, राजसत्ता व मीडिया सत्ता से … Read more

साहस, धैर्य और शौर्य की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी

भारत में पुरुषों के साथ आर्य ललनाओं ने भी देश, राज्य और धर्म, संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यकता पडने पर अपने प्राणों की बाजी लगाईं है। गोंडवाने की रानी दुर्गावती और झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के चरण चिन्हों का अनुकरण करते हुए रामगढ (जनपद मंडला- मध्य प्रदेश) की रानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी … Read more

जानिये उत्तर एवं पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों मै कैसे मनायी जाती है होली

ब्रज- मथुरा-व्रदावन की होली – मथुरा व्रन्दावन मै होली को कृष्ण और राधा के पवित्र प्रेम से जोड़ कर देखा जाता है | यहाँ होली बाकी भारत के अन्य भागो में खेली जाने वाली होली से पहले खेली जाती है | होली का दिन शुरू होते ही नंदगाँव के हुरियारों की टोलियाँ बरसाने पहुँचने लगती … Read more

यादगार और अनमोल लम्हे : द्वारकाधीश व सोमनाथ यात्रा के

3. भड़केश्वर महादेव तो एक टापू पर है जहां जाने के लिए अब पक्का पुल बना दिया है. हर जगह समुद्री हवाओं की महक, लहरों का शोर और उस जगह का शांत माहोल मन पर छाया जा रहा था. समद्र के किनारे पानी के थपेड़ों से पत्थर की चट्टानें अलग अलग रंग की परतों में … Read more

यादगार और अनमोल लम्हे : द्वारकाधीश व सोमनाथ यात्रा के.

B…खाम्बलिया में ट्रेन एक देड घंटे खड़ी रही, जहाँ से 77 km का सफ़र अभी भी शेष था. यहाँ से निकलने पर द्वारकाधीश मंदिर का शिखर और झंडा दूर से लहराता दिख रहा था. 1. डेढ़ घंटे की देरी से ३ बजे द्वारका पहुंचे तो जल्दी से नहा धो कर, एक ऑटो रिक्शा में में … Read more

जानिये दक्षिण एवं पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों मै कैसे मनायी जाती है होली

तमिलनाडु——तमिलनाडु में होली का दिन कामदेव को समर्पित होता है। इसके पीछे भी एक किवदन्ती है कि तपस्यालीन भगवान शंकर की तपस्या को भंग करने के लिए कामदेव ने शिवजी पर अपने कामबाणों से वार कर उनकी तपस्या को भंग किया जिससे शिवजी क्रोधित हो ऊठे | भगवान शिव ने अपने तीसरे नेत्र से कामदेव … Read more

नहीं बने बदरंग कभी

होली पर हम रंगे सभी । नहीं बनें बदरंग कभी ।। एक नई पहचान रहे , सदा पर्व का मान रहे । बहुरंगी भी बनें यदि , नहीं बनें बदरंग कभी । रंगों का भी अनुपम खेल, इनमें भी होता है मेल । सही मेल हो, मिलन तभी, नहीं बनें बदरंग कभी । रंग- बिरंगे … Read more

होलिका दहन कब और किस दिन किया जाये और क्यों ?

हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में प्रमुख त्यौहारों को कब और कैसे मनाना चाहिए उसके बारे में भारतीय धर्म ग्रंथों में निर्णय सिंधु , धर्म सिंधु, पुरुषार्थ चिंतामणि, समय प्रकाश, तिथि निर्णय और व्रत पर्व विवेक आदि में उसके नियम स्पष्ट लिखे हुए है । कुछ अल्प ज्ञानी लोग जिनको इन नियमो की जानकारी तो होती … Read more

error: Content is protected !!