बंबोरा के यशवंत और शंकरलाल जैन दिवाकर पदक से सम्मानित

अनुश्री और जेठानंद को धींग पुरस्कार 
कुराबड़। साहित्यिक संस्था युगधारा के तत्वावधान में विज्ञान समिति, उदयपुर में मंगलवार को आयोजित समारोह में बंबोरा के पत्रकार यशवंत सालवी और शंकरलाल पटेल को जैन दिवाकर रजत पदक से सम्मानित किया गया। उदयपुर नगर विधायक ताराचंद जैन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. कुंदनलाल कोठारी ने अध्यक्षता की। सुखाड़िया विवि में राजस्थानी भाषा विभाग के प्रमुख डॉ. सुरेश सालवी विशिष्ट अतिथि थे। सालवी और पटेल को ग्रामीण क्षेत्र में पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए अतिथियों ने पदक के साथ शॉल, मुक्ताहार, मेवाड़ी पाग, श्रीफल, स्मृति चिह्न, पुस्तक और कलम से सम्मानित किया। रेखा जारोली ने पटेल का और संयोजक डॉ. दिलीप धींग ने सालवी का परिचय दिया। डॉ. धींग ने ग्रामीण क्षेत्र में पत्रकारिता को विशेष महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर बंबोरा के धींग परिवार के सौजन्य से दो साहित्यकारों डॉ. अनुश्री राठौड़ को कन्हैयालाल धींग राजस्थानी पुरस्कार व जेठानन्द पंवार  को श्राविकारत्न उमरावदेवी धींग साहित्योदय पुरस्कार प्रदान  किया गया। अनुश्री ने इस पुरस्कार को उनके लिए नवजीवन देने वाला बताया। जेठानंद ने राजस्थानी भाषा में कहा कि इस पुरस्कार के साथ उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ वीणा को माल्यार्पण, रेणु सिरोया द्वारा सरस्वती वंदना व युगधारा संस्था गीत  के साथ हुआ। युगधारा अध्यक्ष प्रकाश तातेड़ ने स्वागत भाषण दिया। युगधारा  के संस्थापक डॉ ज्योतिपुंज ने दोनों पत्रकारों व साहित्यकारों को शुभकामनाएं प्रेषित की। समारोह में उपस्थिति सभी मंचासीन अतिथियों का भी सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि ताराचंद जैन ने कन्हैयालाल धींग से जुड़ा संस्मरण सुनाया और कहा कि साहित्यकार और पत्रकार समाज को जगाते हैं। अध्यक्ष डॉ. कोठारी ने डॉ. दिलीप धींग पर लिखी कविता सुनाई। विशिष्ट अतिथि सालवी ने मायड़ भाषा का महत्व बताया।
समारोह में रोड़ीलाल धींग, नंदनी शर्मा, डॉ. मीना बया, सुरेशचंद्र धींग, डॉ. मदन कोठारी, हंसा जारोली, एडवोकेट अतुल शाह धींग, मदन कोठारी, गिरीश मेहता,  बालकृष्ण त्रिपाठी, मनोहर डेम्बला, विनोद उपाध्याय, श्रीरत्न मोहता, तरुण दाधीच, संजय गुप्ता देवेश, पूनम भू, डॉ सिम्मी सिंह, डॉ. विमल शर्मा, कुसुम भारद्वाज, सुभाष बया, पंचम मेहता, दीपा पंत शीतल, डॉ घनश्याम आर्य, राजेंद्र डागा, बिलाल पठान, श्याम मठपाल सहित समाज, साहित्य और शिक्षा जगत के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
संचालन डॉ शीतल श्रीमाली द्वारा किया गया। धन्यवाद किरण बाला किरण द्वारा  ज्ञापित किया गया।

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