गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और पुनरुत्थान विद्यापीठ की कुलपति डॉ. इंदुमती ताई काटधरे को प्रदान की जाएगी मानद डी.लिट्. उपाधि
कर्मचारियों के वेतनमान से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए वर्दी सहित कर्मचारी हित के लिए गए कई निर्णय
अतिक्रमण रोकने के लिए चहार दीवारी निर्माण सहित भवनो की मरम्मत आदि के कार्यों को किया अनुमोदित
अजमेर, 25 सितंबर: महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की 116 वी प्रबंध बोर्ड की बैठक में भारतीय शिक्षा, संस्कृति, ज्ञान परंपरा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत एवं पुनरुत्थान विद्यापीठ की कुलपति डॉ. इंदुमती ताई काटधरे को विश्वविद्यालय की ओर से मानद डी.लिट्. (Doctor of Letters) उपाधि प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन और चरित्र से प्रेरणा लेते हुए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय जीवन मूल्यों के प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। वहीं डॉ. इंदुमती ताई काटधरे भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति एवं राष्ट्र-केंद्रित शैक्षिक दृष्टिकोण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए जानी जाती हैं। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई प्रबंध बोर्ड की बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। बैठक में सबसे पहले प्रबंध बोर्ड की 115वीं बैठक (18 जुलाई 2026) के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई, इसके साथ ही 115वीं बैठक की अनुपालना (एक्शन टेकन) रिपोर्ट का भी अवलोकन कर अनुमोदन किया गया। पुस्तकालय में कार्यरत तकनीकी सहायकों को लेकर लिया गया निर्णय कर्मचारी-हित की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार से प्राप्त सहमति एवं वित्त नियंत्रक की अभिशंसा के आधार पर प्रबंध बोर्ड ने पुस्तकालय के चार कर्मचारियों — श्रीमती मंजुलिका रॉबिन्सन, श्री भंवरलाल चौधरी, श्री भगवानदास चौहान एवं श्रीमती माधुरी पाराशर — को अब 9, 18 एवं 27 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चयनित वेतनमान का लाभ दिए जाने को स्वीकृति प्रदान की।
विश्वविद्यालय परिसर के आधारभूत संरचनात्मक विकास से जुड़े निर्णयों के तहत भवन समिति की अनुशंसा पर प्रबंध बोर्ड ने मरम्मत व रखरखाव कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृतियां दीं। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ये सभी कार्य मरम्मत एवं रखरखाव प्रकृति के हैं, इनमें नया निर्माण शामिल नहीं है। बैठक में एक दिन पूर्व, 24 सितंबर को संपन्न हुई विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की 83वीं बैठक के कार्यवृत्त पर भी विचार कर पुष्टि की गई। बैठक में वाहन चालकों को रात्रि प्रवास की स्थिति में चार घंटे से अधिक समय तक मुख्यालय से बाहर रहने पर ₹200 प्रतिदिन का अतिरिक्त भत्ता देने तथा वर्दी धारी कार्मिकों को देय वर्दी भत्ता राज्य सरकार के अनुरूप बढ़ाया गया। राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति मेंशिथिलता दिये जाने संबंधी आदेश को विश्वविद्यालय मे प्रभावी करने हेतु प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने का निर्णय भी लिया गया ।
बैठक में प्रबंध बोर्ड सम्भागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़, राज्य सरकार के प्रतिनिधि प्रो दिग्विजय सिंह शेखावत, कुलाधिपति के प्रतिनिधि प्रो गुलाब सिंह चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आयोजना की प्रतिनिधि रुद्रा रेणु, प्रो ऋतु माथुर, प्रो दुष्यंत त्रिपाठी, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा डॉ मुकेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे। बैठक का संचालन कुलसचिव महावीर सिंह ने किया ।