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दखल - Page 42 of 148 Ajmernama

जाॅन की ने रचा पद त्याग का नया अध्याय

न्यूजीलैंड के लोकप्रिय प्रधानमंत्री जॉन की ने अपने पद से इस्तीफा देकर दुनिया को चैंका दिया है। आठ वर्षों के कार्यकाल के बाद एकाएक अपने पद से मुक्त होने का चिन्तन ही आश्चर्यकारी होने के साथ-साथ राजनीति की एक ऐतिहासिक एवं विलक्षण घटना है। आज जबकि समूची दुनिया के राजनीति परिदृश्य में सत्ता लोलुपता एवं … Read more

क्या सरकार ही भ्रम पैदा कर रही है ?

हम यह बिलकुल भी नहीं समझ पा रहे हैं कि , सरकार को सरकार में बैठे बुद्धिमान लोग चला रहे है या कोई नौसिखिया हाफ पेंट से कन्वर्ट होकर फुल पेंट का का संघी साथी चला रहे हैं किसके घर में कितना सोना रखा जाय यां न रखा जाय इसमें बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा … Read more

नालन्दा राजनीतिक नहींए राष्ट्रीय मुद्दा है

नालंदा विश्वविद्यालय के रूप में प्राचीन भारत के सबसे बड़े ज्ञान केंद्र के लुप्त हो चुके इतिहास को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2010 को लोकसभा में पारित किया गया और एक सपने को आकार देने की दिशा में सार्थक प्रयत्न शुरु हुआ, लेकिन चांसलर जॉर्ज यो ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता का … Read more

एक और फेयर एंड लवली स्कीम

जैसा की मुझे अपने पिछले 40 वर्ष की नौकरी से अनुभव मिला था कि काला पैसा और काले पैसे को एकत्र करने वाले इस देश से न तो कभी समाप्त हो सकते है और न ही सरकार उनको कभी सजा दे सकती है क्योंकि काला पैसा रखने वालों के लिए भारत की सरकार ने 70 … Read more

राजे-कटारिया में फिर दिखा मतभेद

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आया है। सोमवार को उदयपुर में आयोजित प्रताप गौरव केंद्र के लोकार्पण समारोह में सूबे के दोनों कद्दावर नेताओं के बीच दूरियां दिखी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में कटारिया ने राजे पर निशाना साधते हुए समझा दिया … Read more

नोटबंदी से ना बैंकों को फायदा ना ही भविष्य में आम आदमी को कोई फायदा

नोटबंदी से ना बैंकों को फायदा ना ही भविष्य में आम आदमी को कोई फायदा। क्योंकि बैंकों में जो पैसा जमा हुआ है वो अबतक कुल राशि लगभग छह लाख करोड़ है। ये छह लाख करोड़ पांच सौ और एक हजार नोट के नोट हैं जिसकी आज की तारीख में कोई अधिकारिक मूल्य नहीं है … Read more

​कहीं हम आर्थिक अराजकता की ओर तो नहीं बढ़ रहे …

महान मनीषी स्वामी रामकृष्ण परमहंस की एक प्रसिद्ध उक्ति है टाका – माटी आर माटी – टाका । यानी रुपया मिट्टी है और मिट्टी रुपया है। आज के दौर में भी इस बात की बड़ी प्रासंगिकता है। क्योंकि निस्संदेह धन या कालेधन पर रोक की बात अपनी जगह सही है। लेकिन यह बात भी गौर … Read more

नकदी से खाली बैंक और परेशान जनता – जवाब दार कौन ?

बेंको में पर्याप्त नकदी ना होने से बेंको ने पेमेंट देने के लिए हाथ खड़े कर दिए । कई बेंको में नोट बदलने की व्यवस्था पहले ही बंद हो चुकी हे । जनता के पास अपनी ईमानदारी की कमाई का पैसा बैंक में जमा हे और उस पे पूरा टेक्स भी चुकाया गया हे लेकिन … Read more

लोकप्रियता और लोकतंत्र !

सवाल ये हैं कि लोकतंत्र बड़ा है या लोकप्रियता, क्या कोई नेता अपनी लोकप्रियता के मद में अपनी इच्छापूर्ति के लिए पुरे लोकतंत्र को बंधक बना सकता है ? अगर दुनिया भर के लोकतान्त्रिक देशों को इसबात को जानना हो तो वह अपने प्रतिनिधि भारत में भेजें और देखें कि यहाँ का लोकतंत्र किसी लोकप्रिय … Read more

भष्मासुर या रक्तबीज

ऐसी मान्यता है कि जब दैत्य भष्मासुर ने घोर तपस्या के दौरान महादेव से वरदान मांगा की वह जिसके ऊपर हाथ रख दे वह भष्म हो जाय। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने उसे वरदान तो दे दिया। ..लेकिन भष्मासुर पाए हुए वरदान का प्रयोग भोलेनाथ पर ही करने के लिए उनकी ओर बढ़ा। … Read more

ढाई लाख और सतरंज की चाल ढाई चाल

नोट बंदी से त्रस्त काले धन वाले ने एक ओर तो अपने कामगारों और मजदूरों को मजदूरी पर नोट बदलने पर लगा दिया है दूसरी ओर सरकार के भ्रष्ट सरकारी तंत्र का फायदा उठा रहे है नोट बदल रहे है ? क्योंकि पेट्रोल पम्प, बिजली पानी रजिस्ट्री कार्यालयों में खूब धन जमा हो रहा है … Read more

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