रिफाईनरी की आस : समृद्घि और समग्र विकास

-लोकपाल सेठी- जयपुर/जब से राज्य के बाड़मेर क्षेत्र में कच्चा तेल मिला है तभी से यह बात कही जाने लगी थी कि राजस्थान में जल्दी ही रिफानरी की स्थापना होगी। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास अब सफल होते नजर आते है। रिफानरी लगने के प्रस्ताव अब अंतिम चरण में पहुंच … Read more

फ्लेगशिप से आया गरीबों के जीवन में बदलाव

-गिरिराज अग्रवाल- जयपुर, सुशासन शब्द सुनने में बहुत अच्छा लगता है। परंतु सुशासन का आखिर उद्देश्य क्या है? इसका मतलब है ‘रंकÓ की खुशी में राजा की खुशी। दूर-दराज और अंतिम छोर पर बैठे बेसहारा, निर्धन व्यक्तियों के कल्याण में अपना कल्याण समझना। इसीलिए कहा गया है कि सरकार को गरीब की सेवा उसे गणेश … Read more

जनसेवा को प्राथमिकता : आहत को राहत

-डॉ. लोकनाथ सोनी- जयपुर, मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के राजस्थान के चहुंमुखी विकास के सपने को साकार रूप देने के लिए राज्य सरकार ने समाज के कमजोर, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक कल्याण के लिए विभिन्न लोक मंगलकारी योजनाओं का समयबद्घता और वचनबद्घता के साथ क्रियान्वयन कर नए … Read more

शान-औ-शौकत का जीवंत साक्षी-सरवाड़ का ऐतिहासिक किला

-उज्ज्वल जैन- सरवाड़ का ऐतिहासिक दुर्ग प्राचीन स्मृतियों का जीवंत साक्षी है । रिसायत काल में राजा – महाराजाओं की अपनी शान-औ-शौकत हुआ करती थी एवम अपने अलग ही राजसी ठाठ-बाट हुआ करती थी, जिसका एक जीवंत उदाहरण सरवाड़ का ऐतिहासिक दुर्ग है । वर्ष 1950 में रियासतों के एकीकरण होने के पूर्व राज्य की … Read more

नाटकों में कठपुतली का इस्तेमाल

लेखक द्वारा स्वयं का आलेख सिन्धी से अनूदित कठपुतली या कि पुतली का नाम नई पहचान नहीं है। यह नाम हजारों वर्शों से कायम है। राजा विक्रमादित्य सिंहासन बत्तीसी कहानी पुतलियों पर ही आधारित है। ये और बीस बोल रानी, चार बोल रानी, सिन्दबाद की यात्रा, पंचतंत्र, हितोपदेष, रामायण, महाभारत, महाराजा दाहिरसेन, षाह आलम, बलबन … Read more

2012 में दुनिया के अंत की संभावना?(चौथी और अंतिम कडी)

कृपया 21 दिसंबर 2012 इस आलेख को पढने से पूर्व इसकी तीनो कडियों को पढें। जब अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की ओर से पृथ्‍वी के धुर बदलने या किसी प्रकार के ग्रह के टकराने की संभावना से इंकार किया जा रहा है , तो निश्चित तौर पर प्रलय की संभावना सुनामी, भूकम्‍प, ज्वालामुखी, ग्लोबल वार्मिग,अकाल, बीमारियां, आतंकवाद, युद्ध की विभीषिका व अणु बम जैसी घटनाओं से ही मानी जा सकती है, … Read more

2012 में दुनिया के अंत की संभावना?(तीसरी कडी)

दिसंबर 2012 में पृथ्‍वी पर प्रलय आने की संभावना को प्रमाणित करते एक दो नहीं , बहुत सारे सुबूत जुटाए गए हैं। यही कारण है कि अपने पहले और दूसरे आलेख के बाद इस तीसरे आलेख में भी मैं सारी बातें समेट नहीं पा रही हूं। दुनिया के नष्‍ट होने की संभावना में एक बडी बात यह भी आ … Read more

2012 में इस दुनिया के अंत की संभावना? (दूसरी कडी)

पहली कडी को लिखने के बाद दूसरे कार्यों में व्‍यस्‍तता ऐसी बढी कि आगे लिखना संभव ही न पाया। 2012 दिसंबर को दुनिया के समाप्‍त होने के पक्ष में जो सबसे बडी दलील दी जा रही है , वो इस वक्‍त माया कैलेण्‍डर का समाप्‍त होना है। माया सभ्यता 300 से 900 ई. के बीच मेक्सिको, पश्चिमी होंडूरास और अल सल्वाडोर आदि … Read more

2012 में इस दुनिया के अंत की संभावना?(पहली कडी)

जिस तरह जन्‍म और मृत्‍यु जीवन का सत्‍य है , उसी प्रकार आशा और आशंका हमारे मन मस्तिष्‍क के सत्‍य हैं। जिस तरह गर्भ में एक नन्‍हीं सी जान के आते ही नौ महीने हमारे अंदर आशा का संचार होता रहता है , वैसे ही किसी बीमारी या अन्‍य किसी परिस्थिति में बुरी आशंका भी … Read more

आम आदमी पार्टी और दूसरी पार्टियों से अलग कैसे है ?

1.पार्टी में कोई हाईकमान नहीं है।आम आदमी की पार्टी है और आम आदमी सर्वोपरि है । 2.लाल बत्ती की गाडी नहीं।आम और ख़ास में कोई भेद नहीं। 3.सांसद और विधायकों के लिए कोई विशेष सुरक्षा नहीं। 4.आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को चुनाव में टिकट नहीं। 5.सांसदों और विधायकों को कोई बड़े बंगले नहीं। 6.आर्थिक दान … Read more

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