असबाब में असबाब, एक चंग एक रबाब

आपके सान्निध्य में मन की बातें खुद ब खुद कलम से कागज पर उतरने लगती है। बड़ों ने अपने अनुभवों के इशारों में सच ही कहा है, पुस्तक सदृश्य और कोई मित्र नहीं। इसी तर्ज पर पाठक भी उसी श्रेणी के मित्र हैं जिस श्रेणी में पुस्तक को मित्र माना गया है। मित्रों में दिल … Read more

केजरीवाल का इंतजार ही करते रह गए दीपक चोरसिया

जंतर-मंतर पर दीपक चौरसिया ने लाइव डिबेट के लिए मंच तैयार कर लिया. कई लोगों को बुलाया. अरविंद केजरीवाल को भी जाना था. पर वो नहीं गए. दीपक चौरसिया ने लाइव शो में बार-बार कहा कि जंतर-मंतर या किसी गली-चौराहे पर डिबेट करने का आह्वान आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और कुमार विश्वास ने … Read more

इस्लाम में इसलिए है सूअर के मांस का निषेध

-ऐतेजाद अहमद खान- इस्लाम में अगर किसी चीज़ की मनाही है तो जरुरी नहीं की हम ये बात अभी समझ आ जाये की ऐसा क्यों. इस्लाम के उदय की 1400 साल में हालात कितने भी बदले हो पर कुरान में कही समय के बहाव (time will reveal many aspects from Quran and Islam) के साथ ही पता … Read more

संजय सिंह ने ललकारा दीपक चोरसिया को

श्री दीपक चौरसिया जी, जबसे आपने अपने नए चैनल में पत्रकारिता शुरू की है, आप अन्ना आन्दोलन और उससे जुड़े लोगो पर विशेषकर अरविन्द केजरीवाल को निशाने पर रखकर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं। ये आरोप ऐसे लोगों के बयानों पर टिके हैं जिनकी अपनी ही निष्ठा, न सिर्फ सवालों के घेरे में है, … Read more

बजट आने वाला है

भाई जी इन दिनों बड़े आशावादी है, मतलब कि उम्मीद से है कि बजट आने वाला है. … उनकी यह उम्मीद हर वर्ष ठीक उसी तरह होती है जैसे जब उनकी पत्नी उम्मीद से होती थी कि बेटा आनेवाला है और बेटा आने के बाद उम्मीद यकीन में बदल जाती थी कि बेटा नही बाप … Read more

ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने माफ़ी क्यों नहीं मांगी

-ऐतेजाद अहमद खान- 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के घाव अब भी नहीं भरे हैं. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन ने अमृतसर पहुंचकर ब्रिटिश शासन की इस क्रूरता को शर्मनाक तो बताया, लेकिन साफ माफी मांगने से वह परहेज कर गए. हम भारतीय इसी में खुश है की ब्रिटिश प्रधानमंत्री या कोई और ब्रिटिश राजघराने का हमसे माफ़ी … Read more

वसुंधरा का रुतबा पहले जैसा नहीं

भाजपा की प्रदेश में कद्दावर नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भले ही प्रदेशाध्यक्ष पद पर काबिज हो गई हों,लेकिन पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर उनका पहले जैसा रूतबा नजर आने की संभावना कम ही नजर आ रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ उनकी पटरी बैठ पाएगी या नहीं यह तो वक्त ही … Read more

याद तू और ज्यादा आता है

        धुन मिलन की छेडती हूं। गीत विरह के बन जाते हैं।। सोचती हूं साथ बिताए वे सुनहरे पल। और दर्द उभर कर आता है।। होठों पर हंसी को संजोती हूं। और आंखों का दर्द छलक जाता है।। लाख कोषिष करती हूं तुझे भूल जाउं। पर याद तू और ज्यादा आता है।। … Read more

An Open Letter to the Finance Minister

Dear Finance Minister, Greetings! We are eagerly awaiting your finance budget for the FY 2013-14. Please take some concrete steps. GDP growth rate had remained mostly in excess of 8 per cent per year during the first decade of this century that has been crashed in recent years. Latest estimates indicate to remain GDP around … Read more

क्यों भूल रहे हैं हम अपनी संस्कृति को ?

आज 14 फरवरी है यानी वेलेंटाइन डे और कल वसंत पंचमी | अगर सही मायने में देखा जाये तो वेलेंटाइन डे अंग्रेजों की दें है और हम भारतीय उसे ख़ासकर हमारे युवा इस दिन को प्रेम के त्यौहार के दिन के हिसाब से मनानते है किन्तु वे लोग यह भूल जाते हैं की हमारी संस्कृति … Read more

दीवारें मत बनो बाबा !

राजस्थान सिंधी अकादमी जयपुर के सहयोग से मोहन थानवी का आठ वर्ष पूर्व प्रकाशित उपन्यास करतार सिंह का हिंदी में अनूदित अंतिम भाग प्रस्तुत है। दीवारों को भी पता है। वे कहना चाहती हैं। देश के बंटवारे के बाद उत्पन्न हुई पीड़ाएं बदन (सदन) को कमजोर कर रही हैं। बंटवारे के बाद तितर बितर हुए … Read more

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