गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 22 और 23 अक्तूबर

मेष लग्नवालों के लिए – 22 और 23 अक्तूबर 2018 को धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। … Read more

गोचर में वृश्चिक राशि का बृहस्‍पति का जनमानस पर प्रभाव

फलित ज्‍योतिष के ग्रंथों के अनुसार बृहस्पति नवग्रहों में सबसे शुभ है। इसलिए माना जाता है कि गोचर में अधिकांश समय बृहस्पति की स्थिति जनसामान्‍य के लिए सुखद ही बनी होती है। ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ के अनुसार भी बृहस्‍पति तबतक जातकों को परेशान नहीं करता , जबतक वह गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍न होता है। गत्‍यात्‍मक शक्ति बहुत … Read more

गोचर में शनि की स्थिति का जनमानस पर प्रभाव

फलित ज्‍योतिष के ग्रंथों के अनुसार शनि को भयावह ग्रह माना जाता है , जबकि ऐसी कोई बात नहीं है । ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ के अनुसार अन्य ग्रहों की तरह ही शनि भी तबतक जातकों को परेशान नहीं करता , जबतक उसकी गत्‍यात्‍मक शक्ति कम नहीं हो जाती है। गत्‍यात्‍मक शक्ति कम हो जाने पर जातक … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 19, 20 और 21 अक्तूबर

मेष लग्नवालों के लिए – 19 , 20 और 21 अक्तूबर 2018 को किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है , लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति … Read more

दशहरे को मनाये स्नेह, विनम्रता, सोहार्द के संकल्प पर्व के रूप में

डा.जे.के.गर्ग निसंदेह दशहरा जीवन में काम,क्रोध,लोभ,मद,मोह,मत्सर,अहंकार,आलस्य,हिंसा, अधर्म एवं चोरी को त्याग कर स्नेह,विनम्रता,सोहार्द को अपनाने का संकल्प लेने का पर्व है | ’दश’ व’ हरा’ से मिलकर दशहरा बना है | निसंदेह दशहरा का अर्थ भगवान राम के द्वारा रावण के दसों सिरों यानि दसों पापों यथा काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, … Read more

दशहरा है शक्ति की साधना का पर्व

दशहरा-विजयदशमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। आश्विन शुक्ल दशमी को यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक प्रतीक पर्व है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। भगवान राम ने इसी दिन रावण … Read more

श्री राजराजेश्वरी पुरुहुता मणिवैदिक शक्तिपीठ मंदिर पुष्कर की महिमा एवं इतिहास

*ॐ विश्वे विश्वेश्वरि प्राहुः पुरुहुता च पुष्करे !* *पुरुहुता पुष्कराक्षे आषाढौ च रतिस्तथा !!* आदि अनादि काल पूर्व जब भगवान ब्रम्हा के पुत्र महाराज दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया था उसमें भगवान शंकर के अलावा सभी देवी देवताओं को आमंत्रित किया गया । ऐसा होने पर महादेव की पत्नी सती मां अपने … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 17 और 18 अक्तूबर

मेष लग्नवालों के लिए – 17 और 18 अक्तूबर 2018 को स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही … Read more

क्‍या भगवान श्रीराम ने की थी नवरात्रि की शुरूआत ?

नवरात्रि का पर्व विनाशकारी ,तामसी ,अनिष्टकारी, अधार्मिक एवं अमानवीय प्रव्रत्तियों पर सात्विकता, कल्याणकारी प्रव्रत्तियों, मानवीयता, धर्म एवं सत्य की विजय का पर्व है | नवरात्रा का पर् साल में दो बार यानि चैत्र और आश्विन माह में मनाया जाता है, हालाँकि चैत्र माह में मनाई जाने वाली नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है। सर्वप्रथम दुर्गा … Read more

नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूप

नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों का वर्णन मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में किया गया है। चिकित्सा प्रणाली का यह रहस्य वास्तव में ब्रह्माजी ने दिया था जिसे बारे में दुर्गाकवच में संदर्भ मिल जाता है। ये औषधियां समस्त प्राणियों के रोगों को हरने वाली हैं। शरीर की रक्षा के लिए कवच समान कार्य करती … Read more

नवरात्रों के महत्व का वैज्ञानिक आधार

पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करते समय एक साल में चार संधियां होती हैं जिनमें से मार्च व सितंबर माह में पड़ने वाली गोल संधियों में साल के दो मुख्य नवरात्र उत्सव आते हैं । ध्यान रखिये कि इसी समय हमारे शरीर पर रोगाणुओं के आक्रमण की प्रबल संभावना होती है । ऋतु संधियों में … Read more

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