कैसे कहें कि अब आजाद हैं हम?
–आशीष वशिष्ठ– सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद है, दिल पे रखके हाथ कहिए देश आजाद है। जनकवि अदम गोंडवी का ये शेर आजादी की तस्वीर का जो खाका खींचता है उसकी सच्चाई से शायद ही किसी को इंकार हो। आजादी मिले भले ही 66 साल बीत गए हों लेकिन आम आदम की ङ्क्षजदगी में … Read more