मुझ पे करना यकीन

मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन हो तनहा खड़े,दर्द हद से बड़े, टूटते से लगे जब तुम्हे हौसले ऐसा वक़्त कभी ज़िन्दगी में कही आ जाए तो मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन ,मुझ पे करना यकीन टूटना ही लिखा है अग Read more

लीजिए पढिये यूआईटी का रोचक किस्सा

आज अखबार में दो तीन घटनाओ के बारे में पड़ा जो में आपसे साँझा (शेयर) करना चाहता हूँ. आज अजमेर के अखबार में समाचार था की किसी न्यायाधीश (महोदय) की दीवार UIT अजमेर ने तोड़ दी UIT भी सरकारी काम पर थी टूट गयी तो टूट गयी. और जैसा की होता है सरकारी कर्मचारिओं ने न्यायाधीश (महोदय) क Read more

कुछ दूर तुम भी साथ चलो ….

नहीं आसान सफ़र, कुछ दूर तुम भी साथ चलो बड़ा मायूस शहर ,कुछ दूर तुम भी साथ चलो जानता हूँ , नहीं हम साथ उम्र भर के लिए … फिर भी चाहता हूँ मगर ,कुछ दूर तुम भी साथ चलो वो वादियाँ,वो नज़ारे की हम मिले थे जहां भुलाऊ कैसे मैं वो शोख नज़र , कुछ दूर तुम भी साथ चलो थक चूका हूँ , Read more

भाव तो कम हुए ही हैं!

ज्योंही हरिद्वार-अहमदाबाद मेल दिल्ली स्टेशन से रवाना होकर आगे बढ़ी त्योंही डिब्बे में बैठे यात्रियों में आपस में चर्चा चल पडी। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अखबार पढ़ते पढ़ते ही बताना शुरू किया कि महंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती ही जा रही है। उनकी इस बात का मौन रहकर जैसे सभी ने सम Read more

परी …( ममतामयी माँ )

एक  परी आएगी जो तुझे सुलाएगी लेगी आँचल में वो अपने तुझे पलकों के पालने में          झुलाएगी || झूठ मूठ करना आँखे बंद और करवटे बदलना वो थपकी देगी तुम सोने का नाटक करना जब वो कान्हा करके बुलाए तो .. जा  कर छिप जाना वो घर भर में शोर मचाएगी उसके सामने आते ही तुम बुद्धू बन जाना Read more

नवीन सोच के धनी : कु.सी. सुदर्शन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांचवें सरसंघचालक कु.सी. सुदर्शन मूलतः तमिलनाडु और कर्नाटक की सीमा पर बसे कुप्पहल्ली (मैसूर) ग्राम के निवासी थे। कन्नड़ परम्परा में सबसे पहले गांव, फिर पिता और फिर अपना नाम बोलते हैं। उनके पिता श्री सीतारामैया वन-विभाग की नौकरी के कारण अधिकांश समय Read more

अपने क्रोध को पालना सीख!

आज प्रधानमंत्री जी को दिल से धन्यवाद करने का मन कर रहा है। अपने ब्रह्मास्त्र से सबको चित्त कर दिया। मैंने पुराने समय में कई राजाओं के किस्से सुने हैं कि कोई राजा कितना दानवीर, प्रजावत्सल होता था और वह दिन प्रतिदिन जनता की भलाई में लगा रहता था कि प्रजा को मौका ही नहीं मिल पात Read more

ये संसार है …………..

ana
ये संसार है ……………………. बहुत सारे रंगो और रहस्यो से भरा हुआ बड़ी अस्थिरता और अनिश्चिता से भरा हुआ ………… यहा बहुत कठिन है ये निर्णय लेना की कोन अपना है और कोन नहीं क्योकि हर कोई अपना होने का दावा करता है हर Read more

मेरी इस धरा से तुम हरो, इन नेताओं की बेईमानी

अन्ना के आन्दोलन पर, सारी संसद चिल्लाई | सभी पार्टिया एक हुई , और अन्ना की खोदी खाई | तुम भी खाओ हम भी खाए , हम सारे हैं भाई-भाई | भ्रष्टाचार के आन्दोलन से , देखो संसद का अपमान हुआ | संसद में जूतम पैजार से , क्या इस संस्था का सम्मान हुआ | लोकतंत्र की जड़े हिलादी , अरे माननिय Read more

दमनात्मक रवैया आपातकाल और प्रेस सेंसरशिप का सूचक ?

भारत एक लोकतान्त्रिक देश है… १९४७ में मिली आजादी के पश्चात हम ने अपने जिस संविधान को अंगीकार किया उस के द्वारा प्रदत मूल अधिकारों में से एक अभिव्यक्ति की स्वंत्रता का अधिकार भी है…. आज यह अधिकार एक ऐसा ज्वलंत मुद्दा बन गया है कि सब इस ही आग में कूदते नज़र आ रहे ह Read more

मेरे सपनों का भारत – स्वामी विवेकानंद

यदि पृथ्वी पर ऐसा कोई देश है, जिसे हम पुण्य भूमि कह सकते हैं; यदि कोई स्थान है, जहाँ पृथ्वी के सब जीवों को अपना कर्मफल भोगने के लिए आना पड़ता है; यदि ऐसा कोई स्थान है, जहाँ भगवान् की ओर उन्मुख होने के प्रयत्न में संलग्न रहने वाले जीवमात्र को अन्तत: आना होगा; यदि ऐसा कोई देश Read more