स्थानीय के चक्कर में तो नहीं अटकी थी दरगाह कमेटी?
जैसे ही सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स को नजदीक देख अरसे से लंबित पड़े दरगाह कमेटी के पुनर्गठन की मांग उठी, उसके दो-तीन दिन बाद ही कमेटी का गठन हो गया। अर्थात कमेटी के नए सदस्यों के नाम तो पहले ही तय हो चुके थे, मगर घोषित नहीं किए जा रहे थे, … Read more